क्रोनिक मरीजों की देखभाल कैसे करें

GoMedii

 

 

क्रोनिक मरीजों की देखभाल करना बहुत मुश्किल होता है लेकिन उससे पहले ये जानना जरुरी है कि क्रोनिक बीमारी कौन-सी होती हैं। दरअसल क्रोनिक बीमारी उन्हें कहा जाता है, जो किसी को भी काफी लम्बे समय तक रहती है। इसकी वजह से उन्हें अपना बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। क्रोनिक बीमारी किसी भी व्यक्ति को ज्यादा समय तक स्वस्थ नहीं रहने देती हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति बहुत तेजी से कमजोर होने लगते हैं। वह मानसिक रूप से भी खुद को बहुत बीमार समझने लगते हैं।

 

 

 

क्रोनिक मरीजों की देखभाल ऐसे करें

 

 

क्रोनिक बीमारियों कि सूचि में उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर, साँस की बीमारियां (chronic respiratory diseases), मधुमेह और मानसिक बीमारी (mental illness) ये सभी बीमारियां किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है। जिन्हें ये बीमारी होती है उन्हें अपना बहुत ध्यान रखना पड़ता है।

 

 

 

डॉक्टर से कराएं नियमित जाँच

क्रोनिक मरीजों को नियमित रूप से अपनी जाँच कराते रहना चाहिए। क्योंकि कभी भी उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। यदि आप नियमित रूप से डॉक्टर से जाँच करवाते रहेंगे तो आप डॉक्टर की मदद से खुद को स्वस्थ रख पाएंगे। डॉक्टर आपके स्वास्थ्य को देखते हुए आपको सही समय पर किसी भी तरह के टेस्ट करवाने को कह सकते है।

 

 

 

डाइट प्लान फॉलो करें

 

आज कल सभी क्रोनिक बीमारियों के लिए लोग डाइट प्लान बनवाते है। ताकि वह एक संतलित मात्रा में आहार का सेवन करके अपने आपको स्वस्थ रख पाएं। लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो केवल डाइट प्लान बनवाते है और उसे फॉलो नहीं करते हैं। इसकी वजह से भी उनका स्वास्थ्य बहुत जल्दी-जल्दी खराब होता है।

 

 

फाइनेंशियल सपोर्ट

 

जब आपके घर में किसी गंभीर बीमारी का मरीज होता है, तो उसे फाइनेंशियल सपोर्ट की जरुरत होती है। इसके लिए आपको अपने परिवार वालों का भी सपोर्ट मिलता है। जैसे कैंसर एक बहुत ही गंभीर बीमारियों में से एक है इस बीमारी का इलाज करवाने के लिए किसी का भी फाइनेंशियल मजबूत होना बहुत जरुरी होता है। तभी आप इस बीमारी का इलाज करवा सकते हैं।

 

 

 

इमोशनल सपोर्ट

 

क्रोनिक बीमारी के मरीज को अपने परिवार वालों के इमोशनल सपोर्ट की भी बहुत जरुरत होती है, क्योंकि वैसे भी वह खुद को बहुत बीमार समझते हैं। क्रोनिक बीमारी होने पर उस व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की चिंता सताती रहती है। उन्हें यही लगता है की वह दोबार जल्दी स्वस्थ कब होंगे। जब उन्हें इमोशनल सपोर्ट मिलता है तब उनके स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलता है। इसलिए यदि आपके घर में भी कोई क्रोनिक बीमारी का मरीज है तो आपको उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

 

 

केयर टेकर रखें

 

यदि आपके घर में कोई ऐसा मरीज है जो इस तरह की बीमारी का शिकार है तो आपको उसके लिए एक पर्सनल केयर टेकर रखना चाहिए। ऐसा करने से उसकी देखभाल सही तरके से हो सकेगी। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की आप उन्हें बिल्कुल भी समय ना दें, अपनी भाग दौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा सा समय निकाल कर उनके साथ कुछ समय बिताएं।

 

केयर टेकर को उस मरीज के बारे में सभी चीजों का पता होना चाहिए। जैसे उसका दवाई लेने का समय क्या है, आराम करने का समय क्या है और भोजन का समय भी मालूम होना चाहिए। इन सभी चीजों का पता होने पर ही एक केयर टेकर उस मरीज का ध्यान रख सकता है।

 

 

 

खुद को स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी आपकी भी है

 

यदि आप क्रोनिक बीमारी का शिकार हैं, तो इसका मतलब ये नहीं है कि आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान खुद नहीं रख सकते। अपने आप को किसी पर निर्भर मत होने दिजिये, क्योंकि ऐसा होने पर आपके स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ने लगता है। आप कोई ऐसा काम नहीं कर सकते हैं, जिसमें आपको दुसरो की मदद लेनी पड़े। लेकिन आप अपना भोजन और दवाइयां तो समय पर लें ही सकते हैं।

 

 

यदि आप निरंतरता से खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने खान-पान पर ध्यान दें, क्योंकि यही आपको स्वस्थ और बीमार करता हैं। इसलिए आप जो भी खाएं उससे पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें की इसका आपके स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा। यदि आप या आपके जानने वाले व्यक्ति को क्रोनिक बीमारी है तो ऐसे में आप हमारे डॉक्टर से सलाह लें सकते हैं


Doctor Consutation Free of Cost=

Disclaimer: GoMedii  एक डिजिटल हेल्थ केयर प्लेटफार्म है जो हेल्थ केयर की सभी आवश्यकताओं और सुविधाओं को आपस में जोड़ता है। GoMedii अपने पाठकों के लिए स्वास्थ्य समाचार, हेल्थ टिप्स और हेल्थ से जुडी सभी जानकारी ब्लोग्स के माध्यम से पहुंचाता है जिसको हेल्थ एक्सपर्ट्स एवँ डॉक्टर्स से वेरिफाइड किया जाता है । GoMedii ब्लॉग में पब्लिश होने वाली सभी सूचनाओं और तथ्यों को पूरी तरह से डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा जांच और सत्यापन किया जाता है, इसी प्रकार जानकारी के स्रोत की पुष्टि भी होती है।