पतला होने के लिए डाइटिंग कैसे करें, जाने आसान उपाय

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डाइटिंग Dieting शब्द बहुत पुराना है इसे फैशन के तौर पर भी यूज किया जाता है . वजन कम करने के लिए डाइटिंग का सहारा लिया जाता है . डाइटिंग का मतलब अक्सर खाना पीना बंद करना समझ लिए जाता है . लेकिन क्या खाना पीना बंद करने से वजन कम होता है . क्या ऐसी डाइटिंग करना सही है , कहीं गलत तरीके की डाइटिंग से नुकसान तो नहीं हो रहा है .

 

डाइटिंग गलत करने से नुकसान – (Dieting side effects)

 

डाइटिंग को पूरी तरह जाने और समझे बिना इसे अपनाने का मतलब है अपने शरीर को नुकसान पहुंचाना . बिना सोचे समझे डाइटिंग करने का कोई परिणाम नहीं मिलता और कमजोरी आ जाती है वो अलग .

 

गलत तरीके से डाइटिंग करने और भूखे रहने से थकान , चक्कर आना , सिर दर्द , मांसपेशियों में दर्द आदि होने लगते हैं। इसके अलावा हार्ट , फेफड़े, लीवर , हड्डियाँ तथा आँतों पर बुरा असर पड़ता है . और इस नुकसान की भरपाई लम्बे समय तक नहीं हो पाती है .

 

डाइटिंग कैसे करें पतला होने के लिए – (Dieting for weight reduce)

 

असल में डाइटिंग का मतलब है खाने पीने के सामान का सही तरीके से उपयोग, ना कि भूखे रहना. जी हाँ डाइटिंग करने के लिए भूखे रहने की बिलकुल जरुरत नहीं होती है . भूखे रहने से शरीर ज्यादा फैट जमा करने लगता है और मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है .

 

भूखे रहने से जब तेज भूख लगती है तो सामने जो भी चीज दिखाई पड़ती है चाहे वो पेस्ट्री , चिप्स , नमकीन , केक आदि कुछ भी हो उस पर टूट पड़ते हैं और दिन भर की मेहनत पर पानी फिर जाता है . अतः भूखे रखना डाइटिंग करने का सबसे ज्यादा गलत तरीका है .

 

वाकई में डाइटिंग करनी है तो खाने में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , विटामिन , मिनरल और फैट की मात्रा का पता करके इन्हे जरुरत के अनुसार शामिल करके अपनी डाईट यानि खाना लें . असल में इसका नाम डाइटिंग है .

 

डाइटिंग के लिए कब कैसे और क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए यह जरुर जान लेना चाहिए ताकि ताकत के लिए कैलोरी भी मिलती रहे और शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी ना आये , साथ ही शरीर से अतिरिक्त फैट भी कम हो जाये .

 

दिन में हर दो तीन घंटे से कुछ हेल्दी खाना चाहिए . जिसमे भुने हुए या भिगो कर उबाले हुए चने , मखाने , बादाम , अखरोट , ताजा फल , स्प्राउट्स , सलाद , टोंड मिल्क या उससे बना दही या छाछ आदि लिए जा सकते हैं . कचोरी , समोसा , पिजा , बर्गर , नमकीन , चिप्स या अन्य तले हुए सामान नहीं लेने चाहिए . पेट भरा हुआ होने से जंक फ़ूड की क्रेविंग कम होती है .

 

मीठी चीजें कम से कम लें . शक्कर में किसी प्रकार के विटामिन या खनिज नहीं होते . यह सिर्फ केलोरी का स्रोत है . बाजार में मिलने वाले पैक्ड जूस ना लें . इसमें शक्कर ज्यादा होती है . पैकेट पर देखकर कर शक्कर की मात्रा का पता चल जाता है . कोल्ड ड्रिंक में तो शक्कर इतनी ज्यादा होती है की आप सोच भी नहीं सकते . अतः इन पर तत्काल रोक लगा दें .

 

आइसक्रीम , केक , कुकीज , बिस्किट या बेकरी के अधिकतर उत्पाद मैदा , शक्कर और नुकसान दायक फैट से बने होते हैं. यदि आपने कभी भी घर पर केक या कुकीज आदि बनाये हो तो आपको पता होगा कि इनमे क्या डाला जाता है. इसलिए इनसे दूरी बना लेने में ही समझदारी है .

 

डाइटिंग के साथ दिनचर्या भी सुधार लेनी चाहिए . इससे परिणाम जल्दी प्राप्त होते हैं .

 

पतले होने के लिए डाइटिंग के साथ ये भी करें

 

दिन में सोना

 

दिन में सोना बंद कर दें . यदि दिन में सोने की आदत है तो इसे कम करें . 20 – 25 मिनट झपकी लेने में कोई बुराई नहीं है . लेकिन इसे खाना खाने के तुरंत बाद ना लें . दिन में दो तीन घंटे सोने से तोंद निकल आती है .

 

रात को सोना

 

रात को भी खाना खाने के बाद तुरंत ना सोयें . खाने और सोने के बीच दो घंटे का अंतर रखें . हो सके तो थोड़ा चल लें . बाहर न जा सकें तो घर में ही जितना हो सके चलें . खाना खाने के बाद 5-10 मिनट वज्रासन पर भी बैठने से भी लाभ होता है .

 

देर तक जागना हो तो क्या खायें

 

देर रात तक जागना हो तो ड्राई फ्रूट्स , एप्पल , टोंड दूध आदि ले सकते हैं पर चिप्स या तले हुए स्नेक्स आदि से दूर रहें .

 

भूख और क्रेविंग

 

जब भूख लगे तब ही खाएं , क्रेविंग ( खाने की जबरदस्त इच्छा ) हो तब नहीं . भूख और क्रेविंग में फर्क होता है . यदि वजन ज्यादा है तो क्रेविंग को समझ कर उस पर कंट्रोल करने की कोशिश करें . क्योंकि यह एडिक्शन के कारण होता है ना कि जरुरत के लिए . अधिक जंक फ़ूड खाने से लत पड़ जाती है फिर इसकी क्रेविंग शुरू हो जाती है .

 

नाश्ता

सुबह नाश्ता जरुर करें . नाश्ता नहीं करने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है और कैलोरी ठीक से बर्न नहीं होती है . नाश्ता नहीं करने वाले लोगों का वजन ज्यादा बढ़ जाता है . सुबह पौष्टिक नाश्ता लेने से बाजार के जंक फ़ूड खाने से बचाव हो जाता है .

 

एक्सरसाइज़

डाइटिंग के साथ हलकी फुलकी एक्सरसाइज़ जरूर करनी चाहिए। पैदल चलना , जॉगिंग , स्विमिंग , डांस , गेम्स आदि जिसमे भी रूचि हो उसे दिनचर्या का हिस्सा बना कर नियमित शारीरिक गतिविधि बनाये रखनी चाहिए। इससे मेटाबोलिज्म सही रहता है और कैलोरी बर्न होने की स्पीड तेज होती है। इससे डाइटिंग का फायदा Dieting ka fayda दुगना हो सकता है।


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