आईयूआई (IUI) क्या है, महिलाओं को इसकी जरूरत कब होती है?

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अपने जीवन में शादी शुदा होने के बाद हर कपल अपने परिवार को बढ़ाना चाहता है। अपने घर में एक बच्चे के खिलखिलाकर हसने और रोने की आवाज सुनना चाहता है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो कई बार कोशिश करने के बाद भी सफल नहीं नहीं होते हैं। ऐसा होना सिर्फ महिला के बांझ होने की ओर इशारा नहीं करता है। इसमें दोनों लोगों में से किसी एक में कमी के कारण ऐसा होता है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जब कोई कपल शादी के बाद बच्चे को जन्म नहीं दे पता है तो इसमें लगभग 40% कमी पुरुषों में होती हैं। इसका कारण आज की जीवनशैली और खान-पान को माना जा सकता है। यदि आप भी कई कोशिशों के बाद भी बच्चे का सुख नहीं ले पा रहे हैं तो हम उन मैरिड कपल्स को यह बताना चाहते हैं की अपने बच्चे को जन्म संभव है। यह लेख आपकी बहुत मदद करेगा। यहाँ हम बात कर रहें है आईयूआई ट्रीटमेंट के बारे में इसकी मदद से आप माता पिता का सुख प्राप्त कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे की ये आईयूआई (IUI) क्या है? तो हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

 

 

आईयूआई (IUI) क्या है?

 

 

आईयूआई (IUI) आमतौर पर पुरुष बांझपन, एकल महिलाओं या समान-लिंग वाले जोड़ों के मामलों में आवश्यक होता है। इस प्रक्रिया की मदद से लैब में पुरुष के स्पर्म को साफ किया जाता है। फिर ओव्यूलेशन के समय डॉक्टर इन शुक्राणुओं को एक पतली प्लास्टिक कैथेटर ट्यूब के माध्यम से महिला के गर्भाशय में डालते हैं। यह वैज्ञानिक प्रक्रिया लगभग प्राकृतिक प्रजनन के समान ही है। दरअसल इसमें शुक्राणुओं को कृत्रिम रूप से गर्भाशय में पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया को एक अनुभवी डॉक्टर द्वारा किया जाता है। डॉक्टर कुछ मामलों में, स्थिति के आधार पर गर्भधारण की संभावना को बढ़ाने के लिए दवाएं भी दे सकता है। आईयूआई तकनीक के लिए, एक महिला की फैलोपियन ट्यूब सामान्य होनी चाहिए।

 

 

आईयूआई में कितना खर्चा आता है?

 

 

यह हर उपचार के सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। दिल्ली में औसत आईयूआई उपचार की लागत 12000 से 20000 रुपय है। यदि आप आईयूआई ट्रीटमेंट प्राप्त करना चाहते हैं तो हम आपकी इसमें हर तरीके से मदद करेंगे।

 

 

आईयूआई किन महिलाओं के लिए फायदेमंद है?

 

आईयूआई (IUI) आईवीएफ (IVF) की तुलना में एक गैर-आक्रामक और बहुत कम खर्चीली प्रक्रिया है। ज्यादातर मामलों में, डॉक्टर आईवीएफ उपचार से पहले इसकी सलाह देते हैं। यदि आईयूआई के साथ बांझपन का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए पार्टनर स्पर्म या डोनर स्पर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। बांझपन के निम्नलिखित कारणों के लिए आईयूआई की सिफारिश की जाती है।

 

 

  • अस्पष्टीकृत बांझपन

 

  • बहुत कम शुक्राणुओं की संख्या

 

  • आनुवंशिक दोषों को दूर करना

 

  • गर्भाशय ग्रीवा या ग्रीवा बलगम के साथ समस्याएं

 

  • स्खलन या निर्माण के साथ समस्या (ejaculation or erection)

 

  • शुक्राणु की गतिशीलता में कमी

 

  • अगर बिना शादी के कोई महिला गर्भवती होना चाहती है तो वह डोनर स्पर्म की मदद से ऐसा कर सकती हैं।

 

अगर पुरुष के स्पर्म काउंट कम हैं और महिला डोनर स्पर्म का इस्तेमाल नहीं करना चाहती है। ऐसे में जहां आईयूआई का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, वहां आईवीएफ की मदद ली जा सकती है।

 

 

आईयूआई प्रक्रिया क्या है?

 

 

  • इस प्रक्रिया में सबसे पहले पुरुष स्पर्म को लैब में भेजा जाता है।

 

  • लैब में पुरुष स्पर्म को मशीन की मदद से धोया जाता है। स्पर्म को धोने की प्रक्रिया में सक्रिय (यानी अच्छे) और निष्क्रिय शुक्राणु अलग हो जाते हैं।

 

  • फिर सक्रिय शुक्राणु में से सबसे सक्रिय शुक्राणु का चयन करके आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

 

  • ओव्यूलेशन के समय, सक्रिय शुक्राणु को कैथेटर की मदद से महिला के गर्भाशय के अंदर रखा जाता है, जो एक विशेष लचीली ट्यूब की तरह दिखता है। बाकी प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से गर्भाशय के अंदर होती है, जिसके माध्यम से महिला खुद गर्भधारण करती है। यह जरुरी नहीं की आपको सफलता पहली बार में ही मिल जाए।

 

 

आईयूआई कैसे किया जाता है?

 

 

इसके लिए अस्थिर चक्र और उत्तेजित चक्र का ध्यान रखा जाता है।

 

अनस्टिम्युलेटेड साइकल (Unstimulated cycle:): इसमें डॉक्टर प्राकृतिक ओव्यूलेशन का पता लगाने के लिए ओव्यूलेशन किट और अल्ट्रासाउंड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका पता लगाने के बाद डॉक्टर प्राकृतिक मासिक धर्म के 12वें से 16वें दिन के बीच आईयूआई प्रक्रिया करते हैं।

 

उत्तेजना साइकल (Stimulation cycle): इसमें मासिक धर्म की शुरुआत से ही प्रजनन क्षमता की दवाएं दी जाती हैं। इससे अधिक अंडे का उत्पादन होता है और गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। फिर अल्ट्रासाउंड के माध्यम से अंडों के विकास की निगरानी की जाती है और उन्हें नियंत्रित करने के लिए हार्मोन का इंजेक्शन लगाया जाता है। इंजेक्शन के 24 से 40 घंटे के बीच IUI किया जाता है।

 

आईयूआई प्रक्रिया (IUI procedure in Hindi): यदि आप किसी स्पर्म डोनर की मदद ले रहे हैं, तो उसके स्पर्म को लैब में पहले ही साफ कर दिया जाता है। दूसरी ओर, यदि आप अपने साथी के शुक्राणु का उपयोग करना चाहते हैं, तो प्रक्रिया के दिन आपके साथी को साथ आने के लिए कहा जाएगा। क्लिनिक में, आपके साथी को वीर्य का एक नमूना प्रदान करने के लिए कहा जाएगा। फिर शुक्राणुओं को प्रयोगशाला में वीर्य से अलग किया जाएगा और साफ किया जाएगा।

 

फिर डॉक्टर आपको एक टेबल पर लेटने के लिए कहेंगे और एक पतली प्लास्टिक कैथेटर ट्यूब आपके योनि मार्ग से गर्भाशय ग्रीवा तक पहुंचाई जाएगी। इस दौरान आपको हल्का दर्द या ब्लीडिंग हो सकती है। अब इस ट्यूब की मदद से साफ शुक्राणु आपके गर्भाशय में रखे जाएंगे।

 

इसके बाद डॉक्टर आपको कुछ देर के लिए सीधे टेबल पर बैठने को कहेंगे और फिर आप अपने घर या ऑफिस जा सकेंगे और अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे। आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है कि जब आप दौड़ेंगे या कसरत करेंगे तो शुक्राणु खत्म हो जाएंगे, क्योंकि उन्हें आपके गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को अपनाने से पहले शरीर में हो रहे बदलावों के बारे में भी जान लेना जरूरी है।

 

 

क्या आईयूआई गर्भावस्था सुरक्षित है?

 

दरअसल यह सवाल कई कपल्स द्वारा पूछा जाता है। आईयूआई (IUI) गर्भावस्था प्राकृतिक गर्भावस्था की तरह ही सुरक्षित है। आईयूआई प्रेग्नेंसी में आपको एक नेचुरल प्रेग्नेंसी की तरह ध्यान रखना होता है और आप किसी भी अन्य समस्या की तरह सभी चीजें कर सकती हैं। जिन लोगों को यह आभास होता है कि बच्चा अस्वस्थ है या उनमें किसी प्रकार की कमी हो सकती है, यह केवल एक गलत धारणा है। आईयूआई प्रेग्नेंसी में बच्चा उतना ही हेल्दी होता है, जितना कि नेचुरल प्रेग्नेंसी।

 

 

दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ आईयूआई के लिए हॉस्पिटल?

 

 

यदि आप दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ आईयूआई केंद्र की तलाश कर रहे हैं तो GoMedii इसके लिए आपका मार्गदर्शन करेगा। हम दिल्ली-एनसीआर के सबसे अच्छे आईयूआई केंद्रों से जुड़े हैं। इसमें शामिल है:

 

 

  • बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, राजिंदर नगर, दिल्ली

 

  • इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, सरिता विहार, दिल्ली

 

  • फोर्टिस हार्ट अस्पताल, ओखला, दिल्ली

 

  • मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत, दिल्ली

 

हमने आपको आईयूआई (IUI)  क्या है, यह कैसे की जाती है और इससे जुड़ी सभी जानकारी देने की कोशिश की है। यदि आप आईयूआई (IUI) ट्रीटमेंट करवाना चाहते हैं तो आप GoMedii को इसके लिए चुन सकते हैं। हम भारत में एक चिकित्सा पर्यटन कंपनी के तौर पर काम करते हैं। इसके साथ ही हम शीर्ष श्रेणी के अस्पतालों और डॉक्टरों से जुड़े हैं। अगर आप इलाज पाना चाहते हैं तो हमसे संपर्क कर सकते हैं। हमसे संपर्क करने के लिए  हमारे इस व्हाट्सएप नम्बर (+919654030724)  या हमें connect@gomedii.com पर ईमेल कर सकते हैं।


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