खूबसूरती ही नहीं सेहत का भी ख्याल रखता है गुलाब, जानें कैसे

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सुंदर दिखने के लिए आप क्या-क्या नहीं करतीं? ब्यूटी पार्लर के चक्कर से लेकर दादी मां के नुस्खे को आजमाने तक। जब इतना कर लिया तो गुलाब (Rose) को भी आजमा कर देख लें। सुंदर दिखने के लिए हम खानपान पर नियंत्रण, दवाओं का सेवन, कई प्रकार के कॉस्मेटिक्स (Cosmetics) का प्रयोग और न जाने क्या-क्या करते हैं! लेकिन क्या आपको पता है कि ये सब फायदे आपको गुलाब की पंखुड़ियों (beauty benefits of rose petals) से मिल सकते हैं।

 

 

गुलाब का फूल दिखने में सुंदर होता है, और खाने के बाद फायदेमंद भी। इसकी पंखुड़ियों को खाने से आंतरिक और बाह्य दोनों को कई प्रकार से लाभ पहुंचता है। गुलाब में 95 प्रतिशत पानी होता है। यह कई प्रकार के औषधीय गुणों (Medicinal properties) से भी भरपूर होता है। इसकी पंखुड़ियों में कई रोगों के उपचार की क्षमता है। साथ ही इसकी पंखुड़ियों को खाने से चेहरे पर निखार और कई प्रकार की बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

 

 

गुलाब के फुल के फायदे

 

घटेगा वजन

 

गुलाब में विटामिन-सी (vitamin-C) और एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) होता है। गुलाब की पंखुड़ियों से बने गुलकंद (Gulkand) खाने से हड्डियां मजबूत होती है। साथ ही यह वजन कम करने में भी आपकी मदद करती है। आप पानी या मेथी के साथ इसकी पंखुडि़यों का पेस्ट बनाकर खा सकती हैं। इससे शरीर का अतिरिक्त वजन कम होता है। साथ ही गुलाब की पंखुड़ियां आपके मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बढ़ाने में भी सहायक होती हैं।

 

निखरे चेहरा

 

गुलाब चेहरे के कील-मुंहासों को खत्म करने में भी काफी मदद करता है। गुलाब की पंखुडि़यों का पेस्ट त्वचा के लिए काफी अच्छा होता है। गुलाब की पंखुडि़यों को सुखाकर या पानी के साथ मुल्तानी मिट्टी में पंखुडि़यों को मिलाकर हफ्ते में एक बार लगाना चाहिए। इसका लगातार उपयोग करने से चहरे पर मुंहासों के निशान भी कम होते हैं। साथ ही गुलाब की पंखुडि़यां आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करती है।

 

थकान दूर

 

शारीरिक (Body) और मानसिक थकावट (Mental exhaustion) को कम करने में भी यह काफी मददगार साबित होता है। गुलाब की पंखुडि़यों की खुशबू से आपके शरीर और दिमाग को आराम मिलता है। पानी को गुनगुना करके इसकी पंखुड़ियों को डालकर स्नान करने से तनाव कम होता है। आपको नींद नहीं आती या अक्सर तनाव में रहती हैं, तो सिर के पास गुलाब रखकर सोने से तनाव कम होता है और अनिद्रा की समस्या भी दूर हो जाती है।

 

खिलेंगे होंठ

 

गुलाब शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यह शरीर को डीहाइड्रेशन (Dehydration) से बचाता है और तरोताजा रखता है। पेट को भी ठंडक पहुंचाता है। गुलाब की पंखुडियों से बना गुलकंद स्फूर्ति देने वाला एक शीतल टॉनिक है, जो थकान, आलस्य, मांसपेशियों के दर्द और जलन आदि समस्याओं को भी दूर करता है। गुलाब की पंखुडियों को खाने से आपके होंठ हमेशा खिले-खिले रहते हैं। साथ ही होठों के फटने का डर भी कम होता है।

 

गुलाब की पंखुड़ियों के लाभ और उपयोग

 

1. गुलाब के फूल की पंखुड़ियां खाने से मसूढ़े और दांत मजबूत होते हैं। मुंह की बदबू दूर होती है और पायरिया रोग से भी निजात मिल जाती है।

 

2. गुलाब में विटामिन सी बहुत मात्रा में पाया जाता है। गुलकंद रोज खाने से हड्डियां मजबूत हो जाती है। रोजाना एक गुलाब खाने से टी.बी के रोगी को बहुत जल्दी आराम मिलता है।

 

3. गुलाब की पत्तियों को ग्लिसरीन (Glycerin) डालकर पीस लें। इस मिश्रण को होंठों पर लगाएं। इससे होंठ गुलाबी और चिकने हो जाते हैं।

 

4. गुलाब से बने गुलकंद में गुलाब का अर्क होता है। जो शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यह शरीर को डीहाइड्रेशन से बचाता है और तरोताजा रखता है। पेट को भी ठंडक पहुंचाता है। गुलकंद स्फूर्ति देने वाला एक शीतल टॉनिक है, जो थकान, आलस्य, मांसपेशियों के दर्द और जलन आदि समस्याओं को दूर करता है।

 

5. नींद न आती हो या तनाव रहता हो तो सिर के पास गुलाब रखकर सोएं, अनिद्रा (Insomnia) की समस्या दूर हो जाएगी।

 

6. अर्जुन की छाल और देसी गुलाब मिलाकर पानी में उबाल लें। यह काढ़ा पीने से दिल से जुड़ी बीमारियां खत्म होती हैं। दिल की धड़कन बढ़ रही हो तो सूखी पंखुड़ियां उबालकर पिएं।

 

7. आंतों में घाव हों तो 100 ग्राम मुलेटी ,50 ग्राम सौंफ ,50 ग्राम गुलाब की सूखी हुई पंखुड़ियां तीनों को मिलाकर पीस लें। रोजाना इस चूर्ण को दस ग्राम की मात्रा में लें।

 

8. गुलकंद में विटामिन सी, ई और बी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। भोजन के बाद गुलकंद खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

 

9. गुलकंद में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant)  होते हैं। जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। त्वचा के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) गुण हैं, जो त्वचा की समस्याएं मिटाते हैं।

 

10. छोटी-छोटी फुंसियां हो रही हों तो गुलकंद का सेवन करें, फुंसियां खत्म हो जाएंगी। बच्चों के पेट में कीड़े होने पर बाइविडिंग का चूर्ण गुलकंद में मिलाकर एक-एक चम्मच सुबह-शाम 15 दिनों तक लें। पेट के कीड़े खत्म हो जाएंगे।

 

11. आंखों में गर्मी के कारण जलन हो या धूल मिट्टी से आंखों में तकलीफ हो तो गुलाबजल (rose water) से आंखें धोने पर आराम मिलता है। रतौंधी (Night blind) नामक आंखों के रोग के लिए गुलाब जल अचूक दवा का काम करता है।

 

 

12. गुलाब की पंखुडियां को सूखाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को चेचक (chicken pox) के रोगी के बिस्तर पर डालने से उसे ठंडक और आराम मिलता है।

 

13. गुलाब को पीस कर लेप बनाकर सिर पर लगाने से सिर दर्द थोड़ी देर में गायब हो जाता है।

 

14. भोजन के बाद पान में गुलकंद डलवाकर खाना चाहिए। इससे सांस की दुर्गंध (Breath odor) दूर हो जाती है और खाना भी हजम हो जाता है।

 
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