तनाव की वजह से जा सकती है आपकी आंखों की रोशनी: रिसर्च

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भागदौड़ की जिंदगी में बढ़ता तनाव (Increasing stress) आपकी आंखों की रोशनी (Eyeshadow) छीन सकता है। एक अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। अध्ययन (study) की मानें तो मनोवैज्ञानिक (Psychological stress) तनाव अपने साथ ग्लूकोमा (Glaucoma), डायबिटिक विजन लॉस (Diabetic Vision Loss) और भी कई तरह की आंखों की बीमारियां लाता है।

 

दरअसल आंखों की नर्व (Nerves) और ब्लड वैसल्स (Blood vessels) और दिमाग दोनों ही कोर्टिसोल (Cortisol) नाम के हॉर्मोन (Hormone) से प्रभावित होते हैं। यह एक स्ट्रेस हॉर्मोन (Stress hormone) है जो आंखों की रोशनी को भी खराब कर सकता है। अध्ययन के दौरान यह भी पाया कि तनाव के कम होने से खराब हुई आंखों की रोशनी काफी हद तक वापस भी आ सकती है।

 

आंखों के अंदर मौजूद फ्लूड (Fluid)  में तनाव बढ़ने के साथ दवाब बढ़ जाता है, जिससे ब्लड वेसल्स खराब हो जाती हैं, वहीं आंखों में सूजन का भी कारण बनता है। वैज्ञानिकों (Scientists) की मानें तो इस बात प्रमाण है कि तनाव आंखों की परेशानियों को और भी खराब कर देता है। लेकिन डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हुए इस बात को गंभीरता से नहीं लेते।

 

आंखों की रोशनी कमजोर होने के कारण

 

आंख पर कमजोर का सबसे सामान्य कारण आंख पर बढ़ता काम का तनाव है। दुनिया में अधिकतर लोगो की आँखे लगातार किताबें पढ़ने से, स्मार्टफोन या कंप्यूटर स्क्रीन पर तीव्र और लंबे समय तक एकाग्रता से देखने से आसानी से थक जाती है।बहुत लंबे समय के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करना भी आंख में तनाव पैदा कर सकता है। यह सच है कि टीवी (TV) और कंप्यूटर स्क्रीन (computer screen) को लगातार घूरना आंखों के लिए अच्छा नहीं है।स्क्रीन को लगातार न देखना पड़े ऐसी कोशिश करो और हर 20 मिनट बाद २० सेकंड के लिए २० फ़ीट दूर किसी वस्तु को देखो। इसके अलावा आप चमक को कम करने के लिए अपने स्क्रीन सेटिंग्स (Screen settings) समायोजित कर सकते हैं। लगातार अध्ययन करना पड़े तो बीच में समय निकालकर एक बार टहलने के लिए उठे और आसपास की किसी वस्तु पर या अपनी आँखें किसी अलग कार्य पर केंद्रित करे,इससे आँखों को आराम रहेगा ।

 

  • अत्यधिक समय टीवी देखने में खर्च करना

 

  • कंप्यूटर स्क्रीन पर पास से लगातार काम करना

 

  • अत्यधिक पढ़ते रहने से

 

  • हवा में हानिकारक प्रदूषकों के संपर्क में आने से

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय

 

1. सौंफ पाउडर (Fennel Powder) और धनिया बीज पाउडर (Coriander Seed Powder) लेकर बराबर अनुपात का एक मिश्रण तैयार करें।फिर बराबर मात्रा में चीनी मिला ले। 12 ग्राम हर सुबह और शाम की खुराक में ले लो। यह मोतियाबिंद (cataracts) के साथ साथ कमजोर आँखों के लिए भी फायदेमंद है। 

 


2. कमजोर दृष्टि (poor vision) के लोगों को हर रोज गाजर के जूस (Carrot juice) का सेवन करना चाहिए ,यह महान लाभ प्रदान करेगा।

 


 3. धनिया के तीन भागों के साथ चीनी के एक भाग का मिश्रण तैयार करे। उन्हें पीस लें और उबलते पानी में इस संयोजन को डालें और एक घंटे के लिए इसे ढककर रखें। फिर एक साफ कपड़े से इसे छानकर प्रयोग करे । 

 


 4. दूध (Milk) में बादाम (Almond) को भिगोकर उन्हें रात भर रखा रहने दे । सुबह इसमें चंदन भी मिलाये। इसे पलकों पर लगाये । यह  नुस्खा आंखों की लालिमा (Redness) को बिलकुल कम कर देता है।  

 


 6. इलायची (Cardamom) के दो छोटे टुकड़े ले लो। उन्हें पीसकर दूध में डाले और  दूध को उबाल कर रात में इसे पिये। यह आंखों को स्वस्थ बनाता है।

 


7 .आँखों की देखभाल (care of eyes) के लिए आहार (Diet) में विटामिन ए (Vitamin A) का शामिल होना अनिवार्य है। विटामिन ‘ए’ गाजर, संतरे और कद्दू , आम, पपीता और संतरे, नारंगी और पीले रंग की सब्जियों में निहित है। पालक, धनिया आलु और हरी पत्तेदार सब्जियों, डेयरी उत्पादों तथा मांसाहारी खाद्य पदार्थ, मछली, जिगर,अंडे में विटामिन ए की एक उचित मात्रा विद्यमान होती है।

 


8. मोतियाबिंद का खतरा आहार में विटामिन सी लेने से कम हो जाता है। इसलिए अमरूद, संतरे, नींबू और टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, आदि के रूप में विटामिन सी (Vitamin C) युक्त खाद्य पदार्थ आहार में शामिल किया जाना चाहिए।   

 


9 ब्लूबेरी दृष्टि बढ़ाने के लिए और नेत्र हीन के लिए एक लोकप्रिय जड़ी बूटी है। यह रात के समय की दृष्टि में सुधारकरने में मदद कर सकते हैं क्योंकि यह रेटिना के दृश्य बैंगनी घटक के उत्थान को उत्तेजित करता है साथ ही, यहधब्बेदार अध: पतनमोतियाबिंद और मोतियाबिंद के खिलाफ सुरक्षा करता है। पका हुआ फल ब्लूबेरी हर रोज आधाकप खाओ।

 


10.  बादाम भी ओमेगा –    3 फैटी एसिड, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट सामग्री की वजह से दृष्टि में सुधार के लिएबहुत लाभदायक हैं। यह स्मृति और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है रात भर पानी में 5 से 10 बादाम भिगो दे।अगली सुबह छिलका उतारकर बादाम पीस ले। एक गिलास गर्म दूध के साथ इस पेस्ट को खाए कम से कम कुछमहीनों के लिए इसे प्रयोग करो।

 


11.   1 कप गर्म दूध मे आधा चम्मच मुलेठी पाउडर, ¼ छोटा चम्मच मक्खन और 1 चम्मच शहद अच्छी तरह मिक्सकरके सोते समय इसे पिये। आँखों की रोशनी बढ़ाने में यह बहुत लाभदायक है।  

 

तेज और स्वस्थ आंखों के लिए अपनाएं ये 5 उपाय

 

नियमित करें आंखों की सफाई

 

आंखों को स्वस्थ और साफ रखने के लिए आंखों की नियमित सफाई बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको दिन में 3 से 4 बार अपनी आंखों को ठण्डे पानी से अच्छी तरह धोना है। जब भी धूप या किसी धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो सनग्लासिज (Sunglasses) पहनना ना भूलें।

 

अच्छा खानपान

 

स्वस्थ आंखों के लिए जितना आंखों की बाहरी देखभाल जरूरी है उतना ही संतुलित खानपान भी जरूरी है। आपका आहार बिल्कुल पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए। खाने में विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘के’ का सेवन करना ना भूलें। यानि कि दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अण्डे, देसी घी और हरा साग का सेवन करें। इसके अलावा खूब पानी पीएं।

 

भरपूर नींद लें

 

आंखों को पर्याप्त आराम देने के लिए 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। आंखों को और ज्यादा आराम देने के लिए रात को सोते वक्त आंख के आसपास वाली स्किन पर बादाम के तेल से हल्की मालिश करें। इससे आंखों को आराम तो मिलता ही है साथ ही आंखों के नीचे के काले घेरे भी दूर होते हैं।

 

कम्प्यूटर से बनाएं दूरी

 

आंखों को स्वस्थ और फिट रखने के लिए जरूरी है कि हम उचित प्रकाश में बैठकर ही काम करें। अगर आंखों को पर्याप्त मात्रा में प्रकाश नहीं मिलता है तो हमें इसका महंगा हर्जाना भुगतना पड़ सकता है। जब भी आप कम्प्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हों तो एक उचित दूरी बना कर रखें। ऐसा ना करने पर आंखों में दर्द और जलन की शिकायत हो सकती है।

 

समय-समय पर चेकअप

 

आंखों में कोई दिक्कत हो या ना हो, लेकिन समय-समय पर हमें अपनी आंखों का चेकअप कराते रहना चाहिए। खासकर के डायबीटिज (Diabetes), माइग्रेन (Migraine) और सिर दर्द के रोगियों को समय-समय पर आंखों का चेकअप कराना चाहिए। क्योंकि इन बीमारियों से आंखों पर नकारात्मक असर पड़ता है।


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