मधुमेह से जुड़े मिथ्स एंड फैक्ट्स

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आज के समय में डायबिटीज एक बहुत ही आम समस्या बन चुकी है ये एक क्रोनिक बीमारी है। आज कल इसका शिकार जवान से लेकर बुजुर्ग तक हो रहे हैं। इसके पीछे आप किसी एक कारण को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं। इस समस्या से जुड़े हुए बहुत सारे सवाल अभी भी लोगों के मन में हैं। इन्हीं मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में आज हम इस लेख में बात करेंगे।

 

 

मिथ

 

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति कभी मीठा नहीं खा सकते ?

 

फैक्ट

 

डायबिटीज होने के बाद कुछ लोग ये सोच कर परेशान रहते है की अब कभी वो मीठा नहीं खा पाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है मीठे की चाहत होने पर डायबिटिक लोग घर पर बनी हुई चीजों का सेवन कर सकते हैं। मगर मीठे का सेवन एक सीमित मात्रा में ही करें, आप बाजार में दूध से बनी शुगर- फ्री से बनी मिठाई का सेवन कभी-कभी और कम मात्रा में कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ आपको अपने शुगर लेवल को भी ध्यान में रखना जरुरी है।

 

 

मिथ

 

डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन जहर होता है ?

 

फैक्ट

 

ज्यादातर कार्बोहाइड्रेट्स, वसा, प्रोटीन ऊर्जा के मुख्य स्त्रोत होते हैं क्योंकि कार्बोहाइड्रेट्स शरीर में जाकर ग्लूकोस में बदल जाता है और शरीर में मौजूद ग्लूकोज के लेवल को बड़ा देता है लेकिन आप कार्बोहाइड्रेट को अपने आहार से हटा नहीं सकते ये एक पौष्टिक आहार का हिस्सा भी है। इस स्थिति में सिंपल कार्ब के जगह काम्प्लेक्स कार्ब (complex carb) लेना आपके लिए अच्छा रहेगा।

 

 

मिथ

 

केवल टाइप 1 डायबिटीज में ही इन्सुलिन जरुरी होता है ?

 

फैक्ट

 

टाइप 1 डायबिटीज इन्सुलिन पर निर्भर होती है ऐसा नहीं है की टाइप 2 में इन्सुलिन की जरुरत नहीं होती। कुछ अध्ययन  से पता चलता है के डायबिटीज होने के लगभग 6 से 10 साल के बाद हमारा पेन्क्रियाज पर्याप्त मात्रा में इन्सुलिन नहीं बना पता, जिसके बाद 40 % लोगों को इन्सुलिन का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन ये कहना भी गलत नहीं होगा की आप अपनी आदतों में थोड़ा बदलाब करके अपने मधुमेह को नियंत्रण में रख सकते है, जैसे खान पान, व्यायाम, समय पर दवाई आदि।

 

 

मिथ

 

डायबिटीज से पीड़ित गर्भवती महिला का बच्चा भी डायबिटिक होता है ?

 

फैक्ट

 

आपको बता दें की एक डायबिटिक महिला एक हेल्दी बच्चे को जन्म दे सकती है। लेकिन डायबिटीज के कारण प्रेगनेंसी के समय अपने खाने पीने का ख़ास ध्यान रखने की जरुरत होती है तभी वह एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है और खुद भी स्वस्थ रह सकती हैं।

 

 

मिथ

 

डायबिटीज में फल खाना हानिकारक होता है?

 

फैक्ट

 

शुगर को लेवल में रखने के लिए आपको अपने आहार में सीमित मात्रा में ही चीजों का सेवन करना चाहिए। इसलिए आपको फलों का सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को लो ग्लाइसेमिक (low glycemic) इंडेक्स वाले फलों का सेवन करना चाहिए।

 

 

मिथ

 

डायबिटीज एक संक्रामक बीमारी है?

फैक्ट

 

दरअसल कुछ लोगों का मानना है की डायबिटीज एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के पास बैठने, जूठा खाने और बात करने से फैलती है, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यदि आप ऐसा सोचते है तो अपने दिमाग से बात निकाल दें। इसकी मुख्य वजह, आपकी गलत जीवन शैली और गलत खान पान आदतें हैं, जो आपको इस बीमारी का शिकार बनाती है।

 

 

मिथ

 

हेल्दी खाने में नियंत्रण की कोई जरुरत नहीं है, हेल्दी खाना कितनी भी मात्रा में खा सकते है ?

 

फैक्ट

 

साबुत अनाज और फल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं। इससे मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स शारीरिक कार्यो को करने में काफी मदद करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है की आप हेल्दी खाने का सेवन ज्यादा करें , किसी भी चीज़ का बहुत ज्यादा सेवन आपके स्वास्थ्य को ख़राब कर सकता है। यदि आपको डायबिटीज है और आप अपने लिए डाइट प्लान बनवाना चाहते हैं, तो आप इसके लिए हमारे डायटीशियन से संपर्क कर सकते हैं

 

 

मिथ

 

यदि आप कम खाते हैं, तो आपका रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहेगा ?

 

फैक्ट

 

अगर आप कम मात्रा में खाना खाते हैं तो निश्चित रूप से आपका ब्लड शुगर लेवल कम हो जाएगा। लेकिन, इसकी वजह से आपको कमजोरी हो सकती है जो आपके दैनिक गतिविधियों में बाधा डाल सकती है। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल कम भी हो सकता है। जिसे हाइपोग्लाइसीमिया और बेहोशी के रूप में जाना जाता है।

 

 

यदि आपके मन में डायबिटीज को लेकर  किसी तरह के प्रश्न है तो आप हमारे डॉक्टर से सलाह लें सकते है और अपने सवालों के जवाब जान सकते है।


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