गर्भाशय कैंसर के इलाज के लिए दिल्ली एनसीआर के अच्छे अस्पताल।

गर्भाशय कैंसर महिलाओं में पाई जाने वाली बीमारी हैं। गर्भाशय या गर्भ वो स्थान होता हैं जहाँ महिला के गर्भवती होने पर बच्चा बड़ा होता हैं। गर्भाशय की कोशिकाओं के असामन्य रूप से विभाजित होने के कारण ट्यूमर बनता हैं तथा कुछ समय के बाद यह कैंसर में बदल जाता हैं जिससे की महिलाओं को यह गर्भाशय का कैंसर हो जाता हैं। आज हम बात करेंगे की गर्भाशय का कैंसर क्या होता हैं ?

 

 

 

गर्भाशय कैंसर क्या होता हैं ?

 

 

गर्भाशय या एंडोमेट्रियल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो गर्भाशय में शुरू होता है। गर्भाशय का कैंसर उन कोशिकाओं में शुरू होता है जो गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) की आंतरिक परत बनाती हैं। कैंसर गर्भाशय में कोशिकाओं के असामान्य रूप से विभाजित या बढ़ने के कारण विकसित होता है। गर्भाशय कैंसर की बीमारी अधिकतर 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाली महिलाओं में नज़र आती हैं परन्तु आजकल यह बीमारी 30 से 35 साल की महिलाओं में भी देखने को मिल रही हैं।

 

 

 

 

गर्भाशय कैंसर के लक्षण क्या हो सकते हैं ?

 

 

गर्भाशय  कैंसर आम समस्या नहीं होती हैं इसके लक्षण अधिक गंभीर होते हैं डॉक्टर के अनुसार गर्भाशय कैंसर के लक्षण कुछ इस प्रकार होते हैं जैसे की –

 

 

  • पीरियड्स के अलावा अन्य दिनों में ब्लीडिंग होना।

 

  • शारीरिक संबंध बनाते हुए बहुत ज्यादा दर्द महसूस होना।

 

  • बार-बार पेशाब आना

 

  • मेनोपॉज से पहले महिलाओं में मासिक धर्म के बीच योनि से रक्तस्राव।

 

  • पेट के नीचे दर्द या श्रोणि में ऐंठन।

 

  • मेनोपॉज उपरांत महिलाओं में पतला सफेद या स्पष्ट योनि स्राव।

 

  • 40 से अधिक उम्र की महिलाओं में बहुत लंबा, भारी या बार-बार योनि से रक्तस्राव होना।

 

  • बिना किसी कारण वज़न घटना।

 

  • योनी से बदबूदार लिक्विड आना।

 

 

 

 

गर्भाशय कैंसर की कितनी स्टेज होती हैं ?

 

 

गर्भाशय कैंसर के चार स्टेज होते हैं –

 

 

स्टेज 1 – कैंसर केवल गर्भाशय में होता है।

 

चरण 2 – कैंसर जो गर्भाशय से गले तक फैल गया है।

 

स्टेज 3 – कैंसर जो पैल्विक लिम्फ नोड्स, योनि और अंडाशय में फैल गया है।

 

चरण 4 – कैंसर जो मूत्राशय और शरीर के अन्य भागों जैसे श्रोणि क्षेत्र के बाहर फैल गया है।

 

 

 

गर्भाशय कैंसर का इलाज कैसे होता हैं ?

 

 

गर्भाशय कैंसर का इलाज संभव होता हैं इसलिए इसके पता लगने पर तुरंत ही डॉक्टर से जाँच कराये , यदि गर्भाशय कैंसर अधिक बढ़ जाये तो चार तरीको से इसका इलाज किया जाता हैं जैसे की –

 

 

  • सर्जरी: गर्भाशय कैंसर की सर्जरी में आमतौर पर गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन किया जाता हैं जिससे की कैंसर ठीक हो जाता हैं क्योकि कैंसर वाला हिस्सा शरीर से अलग कर दिया जाता हैं परन्तु इस सर्जरी के बाद भविष्य में गर्भवती होना संभव नहीं होता हैं।

 

  • हॉर्मोन थेरेपी: यदि कैंसर गर्भाशय से बाहर फ़ैल जाता हैं तो फिर हॉर्मोन थेरपी का सहारा लिया जाता हैं कैंसर को कम तथा खत्म करने के लिए।

 

  • रेडिएशन थेरेपी: रेडिएशन थेरेपी सर्जरी के बाद की जाती हैं ताकि गर्भाशय कैंसर का खतरा दोबारा न हो कुछ स्थति में ऐसा होता हैं की कैंसर बढ़ने लगता हैं जिसे कम करने के लिए रेडियो थेरेपी की सलाह दी जाती हैं।

 

  • कीमोथेरेपी: कुछ स्थिति में सर्जरी से पहले ट्यूमर को सिकोड़ने तथा निकालने में आसान बनाने के लिए कीमोथेरेपी की जाती हैं। सर्जरी के बाद भी कभी-कभी गर्भाशय कैंसर होने का खतरा बना रहता हैं जिसे खत्म करने के लिए कीमोथेरेपी की जाती हैं।

 

 

 

गर्भाशय कैंसर के इलाज के लिए दिल्ली एनसीआर के अच्छे अस्पताल।

 

 

 

 

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