अचानक क्यों होते है कार्डियक अरेस्ट Sudden Cardiac Arrest

आज कल की इस भागदौड़ से भरी ज़िन्दगी में लगभग हर इंसान अपनी ज़िन्दगी से परेशान रहने लगा है जिसे हम आम भाषा में स्ट्रेस भी कहते है। वही आज कल कार्डियक अरेस्ट से होने वाले लोगो की मृत्यु में भी  बढ़ोतरी होती जा रही है। पहले के समय में बूढ़े लोग की मौत हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से होती थी। लेकिन आज कल यह दोनों चीजें जवान लोगो की मौत का भी कारण बन गई है। अगर हम दिल की बीमारी की बात करें तो हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट दोनों से लोगो की मृत्यु ज्यादा हो रही है।

 

 क्या होता है कार्डियक अरेस्ट ?

 

आपको बता दें की कार्डियक अरेस्ट बेहद ही गंभीर बिमारी है यहां पर “अरेस्ट” शब्द का मतलब है दिल की धड़कन की गति को रोक देना या स्थिर कर देना। दरअसल इस स्थिति को कार्डियक अरेस्ट बोलते है ऐसे समय मि इंसान की मृत्यु अचानक होती है। कार्डियक अरेस्ट में इंसान के दिल की धड़कने एक दम से रुक जाती है, जिसकी वजह से उसकी आँखों के सामने अंधेरा पड़ने लगता है और इंसान का हृदय काम करना बंद कर देता है। लेकिन ये हार्ट अटैक से बिलकुल अलग होता। कई लोग कार्डियक अरेस्ट को हार्ट अटैक का नाम दे देते है।

 

क्या होता है दिल का दौरा (Heart Attack) ?

 

दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में आपके सीने में जकड़न, दबाव, जलन और बहुत तेज दर्द होता है। ऐसी स्थिति में किसी भी व्यक्ति को बाएं कंधे और बाएं हाथ सहित शरीर के ऊपरी-बाएं क्षेत्रों में दर्द का अनुभव होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात की दिल का दौरा पड़ने पर दिल की

धड़कने नहीं रूकती जब की कार्डियक अरेस्ट में दिल की धड़कने रुक जाती है।

 

क्या होते है कार्डियक अरेस्ट के लक्षण

 

वहीं अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट में 95 प्रतिशत लोगो की मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही हो जाती  है। इसलिए ये हार्ट अटैक से भी ज्यादा गंभीर बीमारी है।

 

  • कार्डियक अरेस्ट पड़ने पर या तो व्यक्ति अचानक से गिर जाता है
  • या व्यक्ति का चेहरा ग्रे रंग का पड़ जाता है
  • या व्यक्ति भयभीत महसूस करता है
  • या व्यक्ति बेचैन होने लगता है
  • या अचानक साँस फूलना
  • या सीने में तेज़ दर्द होना
  • या आँखों के सामने अँधेरा छाना
  • या चक्कर आना
  • या अचानक बेहोश हो जाना
  • या अचानक घबराहट होना

अगर डॉक्टरों की माने तो अभी तक 10 फीसदी हार्ट के मरीजों में ही कार्डियक अरेस्ट की संभावना ज्यादा पाई गई है। वही डॉक्टर्स का कहना है की इन लक्षणों में से अगर आपको कोई भी लक्षण हो तो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

 

कार्डियक अरेस्ट क्यों है खतरनाक

 

कार्डियक अरेस्ट को इसलिए खतरनाक माना जाता है क्यूंकि इस स्थिति में व्यक्ति के दिल का ब्लड सर्कुलेशन पूरी तरह से बंद हो जाता है। दरअसल इस दौरान व्यक्ति के दिल के अंदर वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन पैदा हो जाने से इसका पूरा असर दिल की धड़कनों पर पड़ता है और इसी वजह से कार्डियक अरेस्ट को खतरनाक माना जाता है।

 

किस वजह से आता है कार्डियक अरेस्ट

 

आमतौर पर ये देखा गया है की दिल की धड़कन का असमान्य होना। इसके भी तीन कारण होते है।

एसिटोल : इस स्थिति में व्यक्ति के शरीर में कोई भी इलेक्ट्रिकल गतिविधि नहीं होती।

वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन :इस स्थिति में व्यक्ति का दिल खून को पंप नहीं कर पाता, और दिल धड़कना बंद हो जाता है।

कम्पलीट हार्ट ब्लॉक : इस स्थिति में व्यक्ति के हृदय में सांस नहीं पहुँचती है और दिल की धड़कने बहुत धीमी होने लगती है।

 

कार्डियक अरेस्ट से कैसे बचे

 

अचानक पड़ने वाले इस कार्डियक अरेस्ट को आप भांप  तो नहीं सकते और नहीं इसका कोई निश्चित तरीका है। आप केवल कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को कम कर सकते है। आपको अपने शरीर का नियमित रूप से चेकअप कराना चाहिए, हृदय  को नुकसान पहुँचाने वाले खाद्य पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण चीज की आपको अपनी जीवन शैली को स्वस्थ रखना चाहिए।

वैसे आपको बता दें की इसके इलाज के लिए कार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन दिया जाता है, ताकि व्यक्ति के दिलकी धड़कन को वापस रेगुलर किया जा सके। मरीज को डिफाइब्रिलेटर से झटका देकर उसकी दिल की धड़कन को दोबारा से वापस लाने की कोशिश की जाती है।


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