बुजुर्गों की देखभाल कैसे करें, ताकि वह स्वस्थ रहें

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सभी को अपनी ज़िन्दगी में बुजुर्ग होने का एहसास करना पड़ता है और उसमे होने वाली परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे सवाल उठता है की बुजुर्गों की देखभाल कैसे करें ताकि वह स्वस्थ रहें। दरअसल बुढ़ापे में शरीर शारीरिक रूप से कमजोर हो जाता है। आपकी किसी भी काम करने की प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है, हड्डियों और मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है, दृष्टि कमजोर होती है, शरीर के कई अंग ठीक से काम नहीं करते हैं।

 

इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए बुजुर्गों की देखभाल करना और भी चुनौती पूर्ण हो जाता है। बुजुर्गों को एक साथ कई तरह की समस्या होती है। तो पहले उन समस्याओं के बारे में जाने

 

बुजुर्गों की देखभाल क्यों करनी पड़ती है

 

बुजुर्गों को बुढ़ापे में होने वाली समस्याएं :

 

  • खाना पचने में दिक्कत : बुजर्गो द्वारा खाना खाए जाने पर भी उनका खाना पचने में दिक्कत होती है।
  • अधिक थकान होना : बुजुर्गों को उम्र बढ़ने की वजह से थकान जल्दी होती है, थोड़ा बहुत काम करने पर भी उन्हें थकान महसूस होती है।
  • हड्डियां कमजोर होना : जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की काम करने की क्षमता भी कम होने लगती है और इसका सीधा असर बुजुर्गों की  हड्डियों पर होता है और बुढ़ापे में उनकी हड्डियां कमजोर शुरू हो जाती है।
  • ऑंखें की रौशनी होना : वैसे तो ये समस्या आज के में नौवजवानों में भी देखने को ज्यादा मिलती है, लेकिन बुढ़ापे में दूर की  नजर कमजोर होना आम बात है। इसकी वजह से उन्हें आँखों का ऑपरेशन भी करवाना पड़ता है।
  • ब्लड प्रेशर होना : उम्र बढ़ने पर ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत से बुजुर्गों को परेशान करती है उन्हें दवाइयों से भी जल्दी आराम नहीं मिलता।
  • एसिडिटी होना : एसिडिटी होने पर उन्हें सीने में काफी जलन होने लगती है। इसकी वजह से उन्हें भूख भी नहीं लगती है और उनका खाना ऊपर की ओर आता है।
  • नींद ना आना : नींद की समस्या बुजुर्गों से लेकर नौवजवानों में कई बीमारियों का कारण बनती है। उन्हें देर रात तक नींद नहीं आती है इसकी वजह से उनका पूरा दिन आलास से भरा रहता है। इसलिए हमे बुजुर्गों की देखभाल करनी बहुत जरूरी है इसके लिए आपके ये जानना जरूरी है की आप बुजुर्गों की देखभाल कैसे करें, आइये जानते हैं।

 

बुजुर्गों की देखभाल कैसे करें

 

मानसिक स्वास्थ्य पर रखें नजर 

 

यदि उन्हें किसी तरह की तकलीफ हैं, तो इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है इसलिए उनके साथ रहने वाले को इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। उनके होने वाले मानसिक परिवर्तनों पर नजर रखें जैसे अधिक भूलने की शिकायत, रास्ता भूल जाना और चलते समय संतुलन खोना आदि उन्हें बाहर अकेले ना जाने दें।

 

नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह लें

 

यदि बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य खराब हो रहा है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। क्योंकि तकलीफ के समय एक डॉक्टर ही इसे समझ पता है और उसके अनुसार उन्हें दवाई देता है ताकि उन्हें आराम मिल जाए। बुजुर्गों को डॉक्टर बार-बार ना बदलें इससे उन्हें काफी परेशानी हो सकती है क्योंकि जब आप दूसरे डॉक्टर से सलाह लेते हैं तो कई बार डॉक्टर दवाइयां बदल देता हैं जिसकी वजह से उनकी स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता है।

 

बुजुर्गों के साथ समय बिताएं

 

यदि आप अपने काम में बहुत ज्यादा व्यस्त हैं, तो आपको जब भी थोड़ा सा समय मिले तो वो उस समय बुजुर्गों का हाल चाल पूछे उनसे बातें करें उन्होंने क्या खाया और दवाइयां समय पर ली या नहीं और जब आप घर आए तो उनके दिन के रूटीन के बारे में पूछें। उनके साथ गेम खेलने की कोशिश करें या टहलने जाएं।

 

उनके खाने का ध्यान रखें

 

बुजुर्गों को खाने के समय पर ही खाना दें, इसकी वजह से उनके शरीर में कमजोरी आती है और खाना समय पर ना खाने से ढंग से पचता नहीं है और इसकी वजह से उन्हें सोने में भी दिक्कत हो सकती है और उन्हें एसिडिटी भी हो सकती है

 

केयर टेकर रखें

 

बुजुर्गों की देखभाल करने के लिए एक केयर टेकर रखें, ताकि वह उसका अच्छे से ध्यान रखें और उसके खाने और समय पर दवाई दें। लेकिन उसके अलावा आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा की केयर टेकर उस बुजुर्ग व्यक्ति का ध्यान रखें।

 

बुजुर्गों को एक्टिव और फिट रहने में मदद करें

 

बुजुर्गों को फिट रहना जरूरी है यह उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, ऐसा करने से वह एक्टिव रहते हैं। बल्कि बुजुर्गों को व्यायाम या योग के लिए प्रोत्साहित करें आप चाहें तो उन्हें अपने साथ व्यायाम या योग कराएं यह उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा रहेगा। इससे बीमारियां दूर होंगी और उनका अकेलापन कम होगा और वह स्वस्थ महसूस करेंगे।

 

बुजुर्गों की देखभाल करना बहुत जरूरी है और देखभाल करने वाले को व्यक्ति को उनकी जरूरतों को समझना चाहिए। आप चाहें तो उनका पूरा दिन का रूटीन बनाए ताकि उनकी दिनचर्या व्यवस्थित रहे और उन्हें आराम करने का भी समय मिलना चाहिए। बाकी आप इस तरह से बुजुर्गों की देखभाल कर सकते हैं और अच्छे से उनका ख्याल रख सकते हैं।


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