हृदय रोग के लक्षण, कारण और बचने के उपाय

Treatment In India

 

 

जब कोई व्यक्ति हृदय रोगी होता है तो उसे अपने स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो हृदय रोगी हैं लेकिन उन्हें हृदय रोग के लक्षण के बारे में पता ही नहीं होता है। दरअसल इस पर हुए एक शोध में ये पता चला कि हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु दर और बीमारी का एक प्रमुख कारण है।

 

आपको बता दें की दुनिया भर में सालाना  लगभग 17.5 मिलियन मौतें सिर्फ हृदय रोग से होती हैं और इनमें से 75 प्रतिशत निम्न मध्यम आय वाले देश शामिल हैं। हृदय रोग के लक्षण ज्यादातर लोग समझ नहीं पाते हैं, क्योंकि इसमें व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है। हृदय रोग से जुड़ी कुछ और समस्या है जैसे सीवीडी कोरोनरी धमनी रोग, आलिंद फिब्रिलेशन, दिल का दौरा, जन्मजात हृदय रोग आदि। ये किसी भी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करती है और ज्यादातर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं।

 

 

 

हृदय रोग के लक्षण

 

 

  • हृदय में दर्द : दिल का दौरा पड़ने से पहले कुछ लोगों को हृदय में दर्द का अनुभव भी होता है।

 

 

  • तेजी से सांस चलना : आपको बता दें की यह हृदय रोग के सामान्य लक्षण है, जो ज्यादातर लोगों में देखा जाते है।

 

 

  • अचानक चक्कर आना : दिल का दौरा पड़ने पर कुछ लोगों को अचानक चक्कर भी आ जाता है।

 

 

  • बेहोश हो जाना : ऐसा अक्सर देखा गया है की हृदय रोगी को जब दौरा पड़ता है तो वह बेहोश भी हो जाते हैं।

 

 

  • बाए हाथ में दर्द होना : ये स्थिति कुछ लोगों में देखी जाती है, कभी कभी दर्द इतना बढ़ जाता है कि यह हाथ तक पहुँच जाता है। यह हृदय रोग के लक्षण हो सकता है।

 

 

 

 

  • शरीर में सुन्नता महसूस होना : ये समस्या भी काफी लोगो में देखी गई है यह हृदय रोग के लक्षणों को दर्शाता है।

 

 

  • पैरों में सूजन : वैसे तो पैरों में सूजन मधुमेह के रोगियों में भी देखी जाती है लेकिन ये हृदय रोग के भी लक्षण हो सकते हैं।

 

 

  • अधिक थकान होना : जो लोग हृदय रोगी हैंं उनमें सबसे अधिक दिखने वाले लक्षण ये है। जब आप मामूली सा काम करने के बाद काफी थकान महसूस करते है।

 

 

  • ठंडा पसीना आना : कुछ लोगों को हृदय रोग होने पर अत्यधिक पसीना आता है।

 

 

 

हृदय रोग के कारण

 

 

  • जब किसी व्यक्ति को ब्लड प्रेशर की समस्या होती है तो यह उसके हृदय रोग का कारण बनती है।

 

 

  • हृदय रोग का शिकार वो लोग ज्यादा होते हैं जो बहुत अधिक तेल और चिकनाई वाला भोजन करते हैं।

 

 

 

 

  • हृदय रोग उन लोगों में भी ज्यादा देखने को मिलता है जिनका वजन अधिक होता है और इसी वजह से उन्हें और भी कई गंभीर बीमारियां होती हैं।

 

 

  • जो लोग धूम्रपान करते हैं उन लोगों को एक समय के बाद हृदय रोग की बीमारी हो सकती है।

 

 

  • जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है और आप खान पान में परहेज नहीं करते हैं तो यह भी हृदय रोग का कारण बनता है।

 

 

  • तनाव हृदय रोग का मुख्य कारण है। इसलिए जितना संभव हो उतना तनाव से बचना चाहिए। इतना ही नहीं ये और भी कई बीमारियों को जन्म देता है।

 

 

हृदय रोग से बचने के उपाय

 

 

संतुलित आहार का सेवन : यदि आप हृदय रोग से बचना चाहते हैं तो आपको रोजाना संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।

 

 

रोजाना करें एक्सरसाइज : एक्सरसाइज करना हृदय रोगी के लिए बहुत अच्छा रहता है इससे वह तनाव से भी बचे रहते हैं और वह मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहते हैं।

 

 

वजन बढ़ने न दें : इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को हमेशा अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए। क्योंकि इसकी वजह से उन्हें अन्य बीमारी होने का खतरा भी होता है।

 

 

अन्य तरह की दवाओं का सेवन से बचें : हृदय रोगियों को अन्य तरह की दवाओं के सेवन से बचना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के  किसी भी तरह की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। दवाओं का सेवन उनके पूरे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, इसलिए इनका सेवन नहीं करना चाहिए।

 

 

ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रण में रखें : एक हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए की उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल सामान्य रहे। ऐसा करना उनके लिए बहुत जरूरी होता है। क्योंकि इसी वजह से उन्हें दिल का दौरा भी पड़ सकता है। यदि आप भी हृदय रोगी हैं तो आप अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए हमारे डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं


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