गर्भवती होने के लिए क्या खाना चाहिए?

UPTO20

 

 

अगर आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं, तो आप क्या खा सकती हैं ? हमारे होते हुए आपको ये सोचने की जरुरत नहीं है। क्योंकि हम आपके लिए कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची लेकरआए हैं, जिनके सेवन से आप जल्दी गर्भवती हो सकती हैं। ये ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो महिलाओं को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं। एक महिला को पहली बार गर्भवती होने के लिए कुछ खाद्य पदार्थ का सेवन करना होता है, जो महिलाओं की प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकते हैं। जितनी भी महिलाएं गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं, तो उन्हें अपने आहार में इन सभी को शामिल करना चाहिए।

 

 

 

गर्भवती होने के लिए करें इन चीजों का सेवन

 

 

हरी पत्तेदार सब्जियां

 

हरी पत्तेदार सब्जियां फोलेट और विटामिन बी से भरपूर होती हैं, दोनों को ही ओवुलेशन में सुधार करती है। हरी पत्तेदार सब्जियां भी एक महिला की कामेच्छा को बढ़ाती हैं। कई शोधों में यह स्पष्ट किया गया है कि अपने आहार में इनकी भरपूर मात्रा लेने से महिला की ओवुलेशन क्षमता बेहतर होती है। यदि आप गर्भवती होना चाहती हैं तो हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।

 

 

 

कद्दू के बीज

 

हाल ही में हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि गर्भवती होने के लिए महिलाओं को आयरन सप्लीमेंट यानी दवाओं के रूप में आयरन की गोलियां लेनी पड़ती हैं या आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थो का सेवन करना पड़ता हैं। इस शोध में यही पता चला है कि आयरन का सेवन करने वाली महिलाएं ज्यादा जल्दी गर्भधारण करती हैं।

आयरन के सेवन के लिए आप कद्दू के बीजों का सेवन करें क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है। दरअसल इनमें सैचुरेटेड फैट नहीं होता, इसीलिए प्रेगनेंट होने के लिए इसका सेवन करना चाहिए। आप कद्दू के बीजों का पेस्ट सब्जियों में मिलाकर या फिर इन्हें भून कर स्नैक्स के रूप में खा सकती हैं।

 

 

 

जामुन

 

जामुन में बहुते से एंटीऑक्सिडेंट होते हैं इसके साथ ही ये आपको हाइड्रेटेड रखते हैं। इस प्रकार, ये अंडे को नुकसान होने से भी बचाता है और उम्र बढ़ने की विकास दर को कम करता हैं। जामुन, विशेष रूप से एक महिला की कामेच्छा को भी बढ़ाता है। ये त्वचा को जवान बनाए रखने में मदद करता है।

 

 

 

टमाटर और अंगूर

ऐसा बहुत सी महिलाओं के साथ होता है कि कई कोशिशों के बाद भी वह गर्भवती नहीं हो पाती हैं। तो ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपको केवल अंगूर और टमाटर का सेवन रोजाना करना होगा। इन्हें खाने से महिलाएं अपनी फर्टिलिटी की क्षमता को बढ़ा सकती हैं। और जल्दी गर्भवती हो सकती हैं।

 

 

 

आलू (Potatoes)

 

बेक्ड आलू विटामिन सी के बहुत अच्छा स्रोत है। इसके अलावा, आलू कई गुणों से भरपूर होता है, आलू में मौजूद विटामिन, कैल्शियम और मैग्नीशियम गठिया रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह महिलाओं में होने वाली समस्या को खत्म करता है। ये गर्भवती होने में मदद करता है और उनके रक्तचाप को कंट्रोल करता है

 

 

 

सूखे मेवे (dry fruits)

 

जब महिलाओं के खून में शुगर की मात्रा कम या ज्यादा होने लगती है, तो उनकी गर्भधारण करने की क्षमता भी प्रभावित होने लगती है, रोजाना सूखे मेवे खाने से शरीर में ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) की मात्रा नियंत्रित रहती है। इसके अलावा सभी प्रकार के ड्राई फ्रूट्स में भरपूर मात्रा में विटामिन (vitamins), iron (आयरन), fiber (फाइबर), खनिज (minerals), कैल्शियम (calcium), मैग्नीशियम (magnesium), पोटैशियम (potassium), जिंक (zinc) और एंटी ऑक्सीडेंट (anti-oxidants) पाए जाते हैं। इनका सेवन करने से महिलाएं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहती हैं और उन्हें गर्भवती होने में मदद मिलती है।

 

 

 

जैतून का तेल (Olive Oil)

 

जैतून का तेल मोनोसैचुरेटेड वसा है जो शरीर में सूजन को कम करता है। सूजन को ओव्यूलेशन और भ्रूण के शुरुआती विकास में मदद करता है। आप जैतून के तेल में खाना पका सकते हैं ये उनके पूरे स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा।

 

 

शेलफिश (Shellfish)

 

सी फूड होने के कारण, शेलफिश विटामिन बी 12 से भरपूर है। यह महिलाओं में एंडोमेट्रियम लाइनिंग यानि की गर्भवती होने के लिए आवश्यक होती है और उनके शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करती है। यदि इसके आलावा आपको गर्भधारण करने में कोई समस्या आ रही है तो आप हमारे डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं


Doctor Consutation Free of Cost=

Disclaimer: GoMedii  एक डिजिटल हेल्थ केयर प्लेटफार्म है जो हेल्थ केयर की सभी आवश्यकताओं और सुविधाओं को आपस में जोड़ता है। GoMedii अपने पाठकों के लिए स्वास्थ्य समाचार, हेल्थ टिप्स और हेल्थ से जुडी सभी जानकारी ब्लोग्स के माध्यम से पहुंचाता है जिसको हेल्थ एक्सपर्ट्स एवँ डॉक्टर्स से वेरिफाइड किया जाता है । GoMedii ब्लॉग में पब्लिश होने वाली सभी सूचनाओं और तथ्यों को पूरी तरह से डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा जांच और सत्यापन किया जाता है, इसी प्रकार जानकारी के स्रोत की पुष्टि भी होती है।