Patient Story: अपोलो में सुमित ने कराया सफल किडनी ट्रांसप्लांट!

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आज की स्टोरी में हम बात कर रहें हैं सुमित के बारे में जिनकी उम्र 39 है। सुमित ने अपोलो सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अपना सफल किडनी ट्रांसप्लांट कराया है। सुमित को किडनी की समस्या 2016 में हुई। उन्हें पेट में काफी दर्द रहता था इसके अलावा उन्हें और कोई समस्या नहीं थी। उसके बाद उन्होंने जनरल फिजिशियन से कंसल्ट किया लेकिन उससे भी उन्हें आराम नहीं मिला। सुमित ने कई और डॉक्टर से इसके बारे में कंसल्ट किया जिसके बाद एक डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड और कुछ अन्य टेस्ट करवाने की सलाह दी। 

उन्हें रिपोर्ट्स से पता चला की उनकी किडनी में कुछ प्रॉब्लम है। किडनी में प्रॉब्लम की समस्या का पता चलने के बाद उन्होंने किडनी के डॉक्टर से सलह ली। जब डॉक्टर ने रिपोट्स देखीं तो बताया कि सुमित को किडनी ट्रांसप्लांट करवाना पड़ेगा। उनकी किडनी काफी खराब हो चुकी है।

किडनी ट्रांसप्लांट करवाना कोई मामूली बात नहीं है यह काफी महंगा इलाज है । फिर सुमित ने ऑनलाइन ट्रीटमेंट सर्च करना शुरू किया वहां से उन्होंने GoMedii को चुना जिसके बाद हमने सुमित की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अपोलो हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी। आइए जानते हैं हमारे साथ कैसी रही सुमित की किडनी ट्रांसप्लांट की जर्नी। 

 

 

अपोलो हॉस्पिटल में सुमित ने कराया किडनी ट्रांसप्लांट ! (Sumit got kidney transplant at Apollo Hospital in Hindi)

 

 

अपोलो निरंतर नई और अल्ट्रा मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों को नया जीवन दे रहा है। अपोलो सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एक प्राइवेट हॉस्पिटल है। अपोलो का नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट किडनी की बीमारियों, उनके विकास, प्रगति, उपचार और रोकथाम की समझ के लिए समर्पित है। 

सुमित ने बताया की उनके लिए किडनी का खराब होना इसलिए काफी चौकाने वाला था क्योंकि वह ना ही शराब पीते हैं और ना ही स्मोकिंग करते हैं बावजूद इसके उनकी किडनी खराब कैसे हो गई। किडनी का खराब होना सिर्फ इन दोनों चीजों पर ही निर्भर नहीं करता है। ऐसे कई कारण हैं जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। 

अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर किडनी से सम्बंधित किसी भी तरह की बीमारी का इलाज करने में सक्षम हैं। सुमित को केवल पेट में काफी दर्द होता था इसकी वजह से अंदर ही अंदर उनकी किडनी पूरी तरह से डैमेज हो गई थी। वैसे तो किडनी खराब होने पर डॉक्टर डायलिसिस की सलाह भी दे सकते हैं लेकिन एक समय के बाद किडनी ट्रांसप्लांट ही एक आखिरी विकल्प होता है। 

 

 

किडनी रोग कितने प्रकार के होते हैं? (What are the types of kidney disease in Hindi)

 

सात प्रकार के किडनी के रोग होते हैं जो इस प्रकार हैं:

 

  • क्रोनिक किडनी डिजीज 

 

  • किडनी स्टोन (पथरी)

 

  • पॉलीसिस्टिक किडनी रोग

 

  • ग्लोमेरुलोनीफ्रैटिस (glomerulonephritis)

 

  • मूत्र मार्ग में संक्रमण (urinary tract infections)

 

  • किडनी कैंसर

 

  • किडनी फेलियर 

 

 

किडनी ट्रांसप्लांट से पहले होने वाली जांच? (Tests before kidney transplant in Hindi)

 

 

किडनी ट्रांसप्लांट से पहले डॉक्टर विशेष रूप से रक्त परीक्षण करते है ताकि यह पता चल सके कि आपके पास किस प्रकार का रक्त और ऊतक है। ये परीक्षण के परिणाम आपके शरीर में डोनर किडनी का मिलान करने में मदद करते हैं।

 

  • ब्लड टाइप टेस्ट

पहला परीक्षण आपके एबीओ ब्लड टाइप को स्थापित करता है। चार रक्त प्रकार होते हैं: ए, बी, एबी, और ओ, और हर मरीज का ब्लड टाइप इनमें से किसी भी समूहों में फिट बैठता है। उसके बाद डॉक्टर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। 

 

  • ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (HLA)

दूसरा टेस्ट , जो ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (HLA) के लिए एक ब्लड टेस्ट है, इसे ऊतक टाइपिंग भी कहा जाता है।

 

  • क्रॉसमैच

यह सबसे महवपूर्ण टेस्ट माना जाता है। जिसमें डॉक्टर ट्रांसप्लांट से पहले 48 घंटों के भीतर एक अंतिम क्रॉसमैच भी करते है ताकि यह पता चल सके कि ट्रांसप्लांट की जाने वाली किडनी उस मरीज के लिए सही रहेगी या नहीं।

 

 

किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में क्या होता है? (What happens in the process of kidney transplant in Hindi)

 

 

किडनी ट्रांसप्लांट कुछ चरणों में किया जाता है, जो इस प्रकार हैं:

 

एनस्थीसिया: रोगी के रक्त परीक्षण के बाद, किडनी ट्रांसप्लांट से गुजरने वाले व्यक्ति को एनस्थीसिया दिया जाता है ताकि पूरी प्रक्रिया के दौरान उसे किसी प्रकार का दर्द महसूस ना हो।

 

पेट में कट लगाना: एनेस्थीसिया देने के बाद डॉक्टर मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करते हैं और उसके पेट पर कट लगाते हैं और खराब किडनी को बाहर निकलते हैं। 

 

डोनर किडनी लगाना: डॉक्टर द्वारा पेट पर कट लगाने के बाद, डोनर किडनी को खराब किडनी से बदल देता है।

 

यूरिनरी ट्यूब को ब्लैडर से जोड़ना: किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान अंतिम चरण वह होता है जहां डॉक्टर मूत्र नली को मूत्रवाहिनी से जोड़ता है।

 

यदि आप अपने उपचार के लिए GoMedii को चुनते हैं तो हम आपको आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सबसे अच्छा उपचार का सुझाव देंगे। सुमित का अपोलो में किडनी ट्रांसप्लांट बिलकुल सफल रहा है और अब वह बिना किसी समस्या के बिल्कुल नार्मल जीवन बिता रहे हैं।

यदि आप भी कम खर्च में किडनी ट्रांसप्लांट करवाना चाहते हैं तो हमसे संपर्क कर सकते हैं , यहाँ क्लिक करें आप हमसे व्हाट्सएप (+91 9654030724)  पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आप हमारी सेवाओं के संबंध में हमें connect@gomedii.com पर ईमेल भी कर सकते हैं। हमारी टीम जल्द से जल्द आपसे संपर्क करेगी।


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