मानसिक टेंशन के लक्षण: समय पर पहचानें और समझें

मानसिक टेंशन तनाव जैसी स्थिति होती हैं, मानसिक टेंशन को दिमाग की समस्या माना जाता हैं। तनाव के दौरान शरीर के एड्रेनालिन व कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। मानसिक टेंशन हमारे जीवन को अस्त-व्यस्त करने की ताकत रखता है। कई लोगों को इस तनाव से इतनी समस्या होने लगती है कि उनकी दिनचर्या पर भी असर होने लगता है। मानसिक तनाव को अक्सर बहुत छोटी चीज़ समझा जाता है और इसे लेकर लोगों के मन में कई भ्रांतियां हैं। स्ट्रेस या तनाव होना सामान्य बात है। ये तब महसूस होता है जब किसी स्थिति से निपटना मुश्किल हो जाता है।

 

टेंशन होने पर एड्रेनालाईन (Adrenaline) हमारे पूरे शरीर में दौड़ने लगता है। दिल की धड़कन बढ़ जाती है और मानसिक और शारीरिक चेतना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। हमें पसीना आता है, सनसनी महसूस होती है।

 

 

 

मानसिक टेंशन के लक्षण क्या होते हैं ?

 

 

मानसिक टेंशन के निम्नलिखित लक्षण हैं जैसे की –

 

  • सामान्य से ज्यादा या कम भोजन करना।

 

  • तेजी से मूड बदलना।

 

  • आत्मसम्मान में कमी आना।

 

  • हर वक्त टेंशन या बेचैनी महसूस करना।

 

  • ज्यादा या कम सोना।

 

  • कमजोर याददाश्त या भूलने की समस्या।

 

  • जरुरत से ज्यादा शराब या ड्रग्स लेना।

 

  • जरुरत से ज्यादा थकान या ऊर्जा में कमी होना।

 

  • परिवार और दोस्तों से दूर-दूर रहना।

 

  • चरित्र से दूर हो जाना।

 

  • ध्यान केंद्रित न करना और काम में संघर्ष करना।

 

  • उन चीजों में भी मन न लगना जो पहले आपको पसंद थीं।

 

  • विचित्र अनुभव होना, उन चीजों का दिखना जो वहां हैं ही नहीं।

 

 

 

मानसिक टेंशन के कारण।

 

 

  • अकेलापन: इंसान का अकेले रहना कई बार तनाव का कारण बन जाता है। अगर कोई व्यक्ति अकेला है और उसका कोई दोस्त नहीं है तो वह तनाव का शिकार हो सकता है।

 

  • बीमारियां: किसी भी व्यक्ति को अगर लगातार शारीरिक बीमारी है तो वह तनाव का मरीज हो सकता है। यदि किसी को दिल की बीमारी, कैंसर या इस तरह की कोई बीमारी है तो इंसान अपनी बीमारी से परेशान होकर तनाव का शिकार बन जाता है।

 

  • वंशानुगत: यह बीमारी वंशानुगत भी हो सकती हैं यदि परिवार में माता-पिता को यह तनाव की बीमारी हो तो यह परिवार में आगे भी बढ़ सकती हैं।

 

  • डिप्रेशन: तनाव कभी भी किसी को भी हो सकता है परंतु कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनको तनाव जल्दी होने का खतरा होता है। यह उनकी जिंदगी पर निर्भर करता है कि उनकी पुरानी जिंदगी कैसे गुजरी है।

 

 

 

मानसिक टेंशन की बीमारी को ठीक करने के लिए क्या करे ?

 

 

यदि किसी व्यक्ति को मानसिक टेंशन हो तो उन्हें यह क्रियाएँ करनी चाहिए जैसे की –

 

  • प्रतिदिन सुबह उठकर व्यायाम करे तथा इसमें साइकिलिंग, स्विमिंग और वाकिंग को भी शामिल करें। यदि आप यह क्रियाएं करते हैं तो इससे आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा और किसी भी प्रकार की मानसिक टेंशन दिमाग में नहीं रहेगी।

 

  • प्रयाप्त नींद लेना अधिक आवश्यक होता हैं। रोजाना सात से आठ घंटे की नींद लें, समय पर सोएं और सुबह जल्दी उठें। साथ ही ज्यादा सोने से भी बचें।

 

  • रोजाना सुबह मैडिटेशन करने से चिंता के लक्षण कम हो जाते हैं तथा शरीर भी स्वस्थ रहता हैं।

 

  • मनुष्य को अपना मूड हमेशा अच्छा रखना चाहिए। कभी ऐसा होता हैं की टेंशन की वजह से मूड ख़राब होता हैं और मानसिक तनाव भी हो जाता हैं परन्तु उस समय माइंड को रिलैक्स करना चाहिए ताकि किसी तरह का तनाव न हो।

 

  • अपने हर जरूरी काम को व्यवस्थित तरीके से प्लान करें अगर आपको कहीं बाहर भी जाना हो तो उसका समय तारीख तय करें अगर कहीं किसी से मिलने भी जाना हो तो आप पहले से ही तैयारी कर ले ऐसा बहुत कम होता है कि आप को इमरजेंसी में जाना हो। तो जो भी आपके जरूरी काम है उसकी लिस्ट बना ले या आप की डायरी में उसे लिख लें इससे आपको आपके कामों के बारे में पूरी जानकारी भी रहेगी और आप पूरी तरह से सब कुछ प्लान भी कर सकते हैं। जिससे आपको किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

 

 

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