वजन घटाना है तो लें लो प्रोटीन डाइट ?

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लो प्रोटीन डाइट खाने से आप खुद के स्वास्थ्य का एक बेहतर तरीके से ख्याल रख सकते है क्योंकि कभी-कभी बहुत ज्यादा प्रोटीन का सेवन आपके शरीर के लिए नुकासानदायक हो सकता है।

 

ज्यादा वजन आपके हार्मोन्स का संतुलन को बिगाड़ सकता है। वैसे तो प्रोटीन शरीर के उचित कार्य, विकास और शरीर की मांसपेशियों के रखरखाव के लिए आवश्यक है। किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन नॉन वेज में उच्च मात्रा में पाया जाता है।

 

 

प्रोटीन क्या है?

 

 

जब आपको भूख लगती है तो इसका मतलब होता है की आपके शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगी है जिसके कारण आपको भूख लगती है। इसलिए आपको उस समय हाई प्रोटीन की जरूरत होती है जो आपके शरीर का वजन बढ़ा सकती है। वैसे तो प्रोटीन वजन घटाने के लिए ज्यादा प्रयोग में लिया जाता है, लेकिन अधिक भोजन करने से आपको कई नुकसान भी हो सकते हैं। लेकिन प्रोटीन की कमी से आपकी हड्डियां कमजोर होना और दिल की बीमारी और कब्ज जैसी समस्या होने लगती है

 

 

लो प्रोटीन डाइट का सेवन आज कल बहुत ज्यादा चलन में है क्योंकि इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा मोटे लोग कर रहे है। जो अपने मोटापे से परेशान है। इसके साथ वो लोग योग और व्यायाम करके भी अपने बढ़ते वजन को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहे है। ज्यादा मात्रा में प्रोटीन आपके शरीर में कैलोरी को बढ़ाता है जिसके कारण आपका वजन तेजी से बढ़ता है।

 

 

लो प्रोटीन डाइट किन लोगों के लिए है?

 

 

  • आज के समय में जो लोग बहुत ज्यादा फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करते है उन्हें लो प्रोटीन डाइट जरूर लेनी चाहिए।

 

  • जिन लोगों का वजन बहुत अधिक होता है उन्हें भी इसको अपने जीवनशैली में शामिल करना चाहिए।

 

  • जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर होते है उन्हें भी इसका सेवन करना चाहिए क्योंकि इससे उनका शारीरिक स्वास्थ्य जुड़ा होता है।

 

  • जो लोग अक्सर बीमार रहते है उन्हें भी इसका सेवन करना चाहिए।

 

  • किडनी की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी उच्च प्रोटीन वाले आहार से बचने की सलाह दी जाती है।

 

  • हड्डी की समस्याए जैसे कि रुमेटीइड गठिया से जूझ रहे लोगों को भी उच्च प्रोटीन वाले आहार से बचने की सलाह दी जाती है।

 

  • यदि आप पूरी तरह से अपनी बॉडी को फिट रखना चाहते है तो आपको भी ये डाइट लेनी चाहिए।

 

 

हर आहार में प्रोटीन होना बहुत जरूरी है लेकिन एक सीमित मात्रा में। दरअसल प्रोटीन अमीनो एसिड की संरचना है। मानव शरीर को कई कार्यों को सही ढंग से करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। आमतौर पर, प्रोटीन दो अलग-अलग प्रकार का होता है: मट्ठा प्रोटीन और केसीन प्रोटीन। मट्ठा प्रोटीन (Whey protein) में मजबूत मांसपेशियों के निर्माण के लिए आवश्यक सभी अमीनो एसिड होते हैं। दूसरी ओर केसीन प्रोटीन (Casein protein) को पचाने में हमारे शरीर को अधिक समय लगता है।

 

 

लो प्रोटीन डाइट में क्या आता है

 

 

कम प्रोटीन वाले आहार

 

 

  • नाश्ता में सुबह 9 से 10 बजे के बीच में – चाय / दूध +ओट्स का दलिया / दूध के साथ फलैक्स / वेजिटेबल सैंडविच / पनीर सैंडविच / रागी चीला / बेसन चीला / स्टफड रोटी (1-2)

 

  • 11 बजे  -ग्रीन टी / नारियल पानी / (1) फल (सेब, पपीता, अमरूद, अनार, जामुन)।

 

  • 1 से 2 बजे दोपहर का भोजन (1-2) – गेहूं की रोटी, सब्जियां, 1 कटोरी प्लस, कम वसा वाला दही।

 

  • 4 बजे – बिस्कुट / नमकीन / भेलपुरी के साथ चाय / ग्रीन टी / कोल्ड कॉफी।

 

  • 5 से 6 बजे – वेजिटेबल सूप / टमाटर का सूप।

 

  • रात का खाना (8-9) – रोटी, सब्जियां, दही।

 

  • रात के खाने के बाद – दूध (1 गिलास)

 

 

शाकाहारी स्रोतों में चना, दूध, मटर, मूंग, मसूर, उड़द, सोयाबीन, राजमा, लोभिया, गेहूं, मक्का शामिल हैं। मांसाहारी लोगों के लिए मांस, मछली, चिकन, मटन, प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। लेकिन ध्यान रहे की आप इनका सेवन एक सीमित मात्रा में ही करें। वरना आपके शरीर में प्रोटीन की कमी या प्रोटीन की बढ़ी हुई मात्रा आपके शरीर का पूरा स्वास्थ ख़राब कर सकती है. ऐसे में आप हमारे डॉक्टर से सलाह लें सकते है


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