कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis ) क्या है जाने इसका इलाज कहां कराएं?

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हमारे शरीर में आंखें बहुत नाजुक और संवेदनशील अंग हैं। अगर इनमें जरा सी भी परेशानी हो तो इसके लक्षण तुरंत दिखने लगते हैं। कंजक्टिवाइटिस आंखों से जुड़ी समस्या है, और यह एक्यूट या क्रॉनिक दोनों ही तरीके से परेशान करती है। जब आपकी आंखो में किसी तरह की समस्या होती हैं तो आपको  तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कंजक्टिवाइटिस होने पर कई लोगों में गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं जिसके लिए तत्काल आपको इलाज की आवश्यकता होती है। वैसे तो यह समस्या किसी को भी कभी भी हो सकती है, लेकिन गर्म और उमस भरे वातावरण में इसके होने का खतरा अधिक होता है।

 

 

कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis in Hindi) क्या है?

 

कंजक्टिवाइटिस होने पर आंखे लाल या (गुलाबी) होने  लगती है, खुजली होती है और आँखों से पानी आने लगता है। ऐसा होने पर आपको काफी परेशानी होती है। दरअसल हमारी पलकों के अंदर एक झिल्ली होती है और हमारी आंखों के कवर को कंजंक्टिवा कहते हैं। कंजंक्टिवा में एलर्जी से आंखों में सूजन और दर्द होने लगता है। जिन लोगों को अस्थमा, बुखार, सर्दी है उनमें कंजक्टिवाइटिस होने का खतरा अधिक होता है।

अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह खतरनाक साबित हो सकता है।हम आपको  कंजक्टिवाइटिस की समस्या, इसके लक्षण और इलाज के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

 

 

कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of conjunctivitis in Hindi)

 

 

  • कंजक्टिवाइटिस होने पर जबड़े के नीचे या कान के सामने सूजन होने लगती है, लिम्फ नोड, और एक या दोनों आंखों से गन्दगी निकलती है अगर ऐसा होता है तो यह वायरल कंजक्टिवाइटिस के लक्षण होते हैं

 

  • वायरल कंजक्टिवाइटिस होने पर लोगों में आमतौर पर ऊपरी सांस लेने में समस्या, संक्रमण या सर्दी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं

 

  • दोनों आँखों में लाली, बाहत तेज खुजली और आँसू एलर्जी कंजक्टिवाइटिस के लक्षण का संकेत देते हैं

 

  • जलन, खुजली वाली आंखें जो एक गाढ़ा, चिपचिपा श्लेष्मा स्राव देती हैं जो बैक्टीरिया के कारण हो सकता है

 

  • कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों में दृष्टि का हल्का धुंधलापन शामिल है

 

  • आँखों में जलन

 

  • दृष्टि धुंधली होना

 

  • आंखो पर प्रकाश पड़े से में जाने पर के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि

 

  • पलकें सूजना।

 

 

कंजंक्टिवाइटिस का इलाज कहां कराएं? (Where to get treatment for conjunctivitis in Hindi)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

यदि आप इनमें से किसी भी अस्पताल में इलाज करवाना चाहते हैं तो हमसे व्हाट्सएप (+91 9654030724) पर संपर्क कर सकते हैं।

 

 

क्या वायरस या बैक्टीरिया के कारण कंजक्टिवाइटिस होता है? (Is conjunctivitis caused by virus or bacteria in Hindi)

 

कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों के बारे में हमने आपको बता दिया है। आपका डॉक्टर यह निर्धारित करने में मदद करेंगे कि आपकी गुलाबी आंख जीवाणु या वायरल संक्रमण है या नहीं।

 

  • रोगी की आयु

 

  • कान के संक्रमण की उपस्थिति

 

  • आंख से अधिक मात्रा में पानी निकलना

 

  • आंखों से सफेद या रंगीन पदार्थ निकलना

 

 

कंजक्टिवाइटिस के कितने प्रकार होते हैं? (How many types of conjunctivitis are there in Hindi)

 

कंजक्टिवाइटिस के तीन मुख्य प्रकार होते हैं, जो कि इस प्रकार हैं:

 

  • वायरल कंजक्टिवाइटिस

 

  • बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस

 

  • एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस

 

  • रसायनों का एक्सपोज़र

 

 

कंजक्टिवाइटिस का इलाज (Treatment for conjunctivitis in Hindi)

 

 

कंजक्टिवाइटिस का उपचार आमतौर पर लक्षणों पर निर्भर करता है। आपका डॉक्टर कुछ दवाएं देता है जिससे मरीज को आंखों थोड़ी ठंडक और खुझलि से रहत मिले। यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो डॉक्टर सलाह देगा कि इलाज पूरा होने तक उन्हें ना पहने। यदि आप डिस्पोजेबल लेंस का इस्तेमाल करते हैं, तो आपका डॉक्टर यह सलाह भी दे सकता है कि आप उन लेंस को दोबारा उपयोग ना करें।

हार्ड लेंस का उपयोग करने से पहले उन्हें अच्छे से साफ करें। अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या आपको बीमारी से पहले या उसके दौरान इस्तेमाल किए गए लेंस केस जैसे कॉन्टैक्ट लेंस एक्सेसरीज़ को दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

ज्यादातर मामलों में, आपको एंटीबायोटिक आईड्रॉप्स की आवश्यकता नहीं होगी। चूंकि कंजक्टिवाइटिस आमतौर पर वायरल इन्फेक्शन होता है, ऐसा भी हो सकता है कि एंटीबायोटिक्स से मरीज को आराम ना मिले, और आगे उनकी प्रभावशीलता को कम करके या दवा की प्रतिक्रिया के कारण नुकसान भी पहुंचा सकता है।

वायरल कंजक्टिवाइटिस अक्सर एक आंख में शुरू होता है और फिर कुछ दिनों के बाद यह दूसरी आंख को संक्रमित कर देता है। आपके लक्षण और धीरे-धीरे अपने आप साफ होने चाहिए। एंटीवायरल दवाएं इसके इलाज के एक विकल्प हो सकती हैं यदि आपका डॉक्टर यह निर्धारित करता है कि वायरल कंजक्टिवाइटिस हेर्प सिंप्लेक्स वायरस (herpes simplex virus) के कारण होता है।

 

 

कंजक्टिवाइटिस से कैसे बचाव करें (prevention of conjunctivitis in Hindi)

 

अभी तक कंजक्टिवाइटिस को रोकने का कोई तरीका नहीं है, क्योंकि आंख में होने वाली समस्या कई अलग-अलग कारणों से हो सकती है। यदि आंख में कोई भी परेशानी होती है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि, आप कुछ सावधानियां बरतकर इस स्थिति से काफी हद तक बचा सकते हैं हमेशा अपने हाथों को धोने के बाद ही अपनी आंखों को छुएं या खुजली होने पर उंगलियों से  जोर से न रगड़े। जिन लोगों को एलर्जी है उन्हें एलर्जी की प्रतिक्रिया को ट्रिगर करने वाले पदार्थों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा, धूल भरे वातावरण में या तेज प्रकाश में रहने वाले लोगों को अपनी आंखों की देखभाल करनी चाहिए ऐसा होने पर उन्हें चश्में का प्रयोग करना चाहिए।

 

यदि आप कंजक्टिवाइटिस का इलाज कराना चाहते हैं या इससे सम्बंधित किसी भी तरह की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें या आप हमसे व्हाट्सएप (+91 9654030724) पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आप हमारी सेवाओं के संबंध में हमें Connect@gomedii.com पर ईमेल भी कर सकते हैं। हमारी टीम जल्द से जल्द आपसे संपर्क करेगी।

 
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