लिवर रोग मे जरूर लगवाएं हेपेटाइटिस बी का टीका

Treatment In India

 

लीवर रोग एक बहुत ही खतरनाक रोग है, इससे संबंधित जितनी भी बीमारियां होती है, वो सारी साइलेंट होती हैं। जब तक इस रोग के लक्षण नजर आते हैं, तब तक लगभग 50 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान लीवर का हो चुका होता है। अगर इस बीमारी का सही समय पर इलाज न कराया जाए तो, लिवर का सिरोसिस (स्कार्फिंग) विशेष रूप से वायरल हेपेटाइटिस बी और सी (Hepatitis B and C) होने का खतरा रहता है।

 

एचबीवी संक्रमण (HBV infection) यानी की हेपेटाइटिस बी को रोकने में प्रभावी टीकाकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पुराने लिवर रोग और हेपेटोसेल्युलर कार्सिनोमा (एचसीसी) (Hepatocellular carcinoma (HCC)) या लिवर कैंसर को कम करने के लिए जाना जाता है।

 

हेपेटाइटिस बी एक संक्रमणकारी रोग है, जो वायरस (Virus) से होता है, और रक्त के द्वारा यह फैलता है।

 

 

हेपेटाइटिस बी फैलने के कारण

 

 

  • संक्रमित रक्त या संक्रमित शारीरिक प्रवाही के संपर्क में आने से।

 

  • हेपेटाइटिस बी के मरीजों के सम्पर्क में आने से।

 

  • दोबारा उपयोग में ली गई सूई के उपयोग से।

 

  • अगर गर्भवती महिला हेपेटाइटिस बी से संक्रमित है, तो होने वाले बच्चे पर भी इसका असर हो सकता है।

 

 

टीकाकरण प्रोटोकॉल 

 

 

  • पहला टीका : बच्चे के जन्म वाले दिन।

 

  • दूसरी टीका : 1-2 महीने के बीच।

 

  • तीसरी टीका : 4-6 महीने के बीच।

 

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) का मानना है की, ”लिवर रक्त से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है। प्राथमिक लिवर कैंसर की पहचान वाले सभी लोगों में से आधे से अधिक को सिरोसिस होता है। आमतौर पर जो लोग अत्यधिक शराब का सेवन करते है, उनमे लिवर की बहुत गंभीर समस्या होती है।

 

लिवर कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण है, जैसे की –

 

  • अत्यधिक वजन बढ़ना और भूख की कमी

 

  • उलटी आना

 

  • लिवर या स्पलीन का आकार बढ़ जाना

 

  • पेट में दर्द या दाएं कंधे के ब्लेड के पास दर्द

 

  • खुजली और त्वचा और आंखों में पीलापन होना

 

  • पेट में सूजन या तरल पदार्थ का बनना

 

 

हेपेटाइटिस बी किसी के छूने से, किसी को गले लगाने से, छींकने से, खांसी से, टोयलेट की सीट से या ऐसे व्यक्ति के पकाए खाना खाने से जिसे हेपेटाइटिस बी हुआ हो, यह बीमारी इन सब कारणों से नहीं फैलती है।

 

 

 

हेपेटाइटिस बी से बचने के लिए लीवर पर रखें नजर

 

 

लिवर खून में बने विषैले पदार्थ के साथ-साथ शरीर से वायरस बी को भी बाहर निकालता है। संक्रमण होने के बाद लीवर को वायरस बी से बचाव का एक ही तरीका है – अपने लिवर को हमेशा स्वस्थ रखे और साथ ही ये बहुत ही जरूरी है कि हेपेटाइटिस बी वायरस निष्क्रिय अवस्था में भी रहे तो हमें नियमित रूप से इसकी जांच और डॉक्टर से सलाह कराते रहनी चाहिए।

 

 

ध्‍यान रखें ये जरूरी बातें

 

 

 

  • अगर आप लम्बे समय तक अल्कोहल का सेवन करते है, तो आपको लीवर कैंसर का खतरा हो सकता है।

 

  • संतुलित भोजन करें और फल, सब्जियां और साबुत अनाज का भरपूर सेवन करें।

 

  • हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करे। यह न केवल आपको फिट रखेगा, बल्कि अतिरिक्त वजन भी कम करेगा।

 

  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप हेपेटाईटिस बी का टीकाकरण लगवाएं।

 

 

अगर आप चाहते है की आपको किसी भी तरह का कोई संक्रमण न हो, जैसे की हेपेटाइटिस बी का संक्रमण, तो इसके लिए ऊपर बताये गए बातों को ध्यान में रखे और इससे पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

 


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