लीवर सिरोसिस रोग के कारण,लक्षण और उपचार

 

लिवर सिरोसिस की समस्या आमतौर पर अनियमित खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से होती है। जिस वजह से लिवर कैंसर, लिवर एबसेस या फिर फैटी लिवर  की समस्या हो सकती है। इसके लक्षणों में सांस फूलना, नींद न आने की समस्या और लिवर की जगह छूने में दर्द का अहसास होना आदि शामिल है। अगर इसका इलाज समय पर नहीं किया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है। इसलिए थोड़ी सी भी परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलकर जांच करवाना चाहिए, नहीं तो आगे चलकर बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

क्या है लिवर सिरोसिस

 

 

लिवर सिरोसिस बहुत ही धीमी गति से बढ़ने वाला रोग है। इस रोग में लिवर का आकार सिकुड़ने लगता है और उसमें कठोरता आने लगती है। जिस वजह से बहुत सारी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह फाइबर तंतु ले लेते हैं। साथ ही लीवर की बनावट भी असामान्य हो जाती है, जिससे पोर्टल हाइपरटैंशन की स्थिति पैदा हो जाती है। अगर इस बीमारी का सही समय पर इलाज नहीं किया जाए तो इस बीमारी का अंतिम इलाज लीवर प्रत्यारोपण यानि लिवर ट्रांसप्लांट है। इसलिए लक्षणों को पहचान कर इसका इलाज जल्द-से-जल्द करा लेना चाहिए।

 

 

लिवर सिरोसिस की तीन अवस्थाएं

 

 

यह एक गंभीर बीमारी है, जो की धीरे-धीरे शरीर पर असर करती है। इसलिए लिवर सिरोसिस के लक्षण 3 अवस्थाओं में अलग-अलग देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों की सहायता से और शरीर की जांच द्वारा इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

 

  • जब लिवर सिरोसिस की पहली अवस्था होती है, शरीर में बेवजह थकान महसूस होने लगती है और जिस वजह से वजन घटना शुरू हो जाता है साथ ही पाचन से संबंधित  समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं।

 

  • दूसरी अवस्था में चक्कर आने लगता है और साथ उल्टियां होने लगती हैं और बुखार भी रहता है।

 

  • तीसरी और अंतिम अवस्था में जब मरीज को उलटी होती है तो उसके साथ खून आने लगता है और मरीज को बेहोशी होने लगती है। तीसरा स्टेज में मरीज पर दवाओं का असर नहीं होता है। इसके बाद एकमात्र विकल्प लिवर का ट्रांस्प्लांट बचता है।

 

 

लिवर सिरोसिस के लक्षण

 

 

  • पेट के ऊपरी भाग पर खून की कोशिकाएं दिखना।

 

  • भूख कम लगना।

 

  • लिवर की जगह छूने में दर्द का अहसास होना।

 

  • दिल की धड़कने तेज होना।

 

  • मांसपेशियों में दर्द।

 

  • नाक से कभी भी खून बहना।

 

  • सांस फूलने की समस्या।

 

  • उल्टी के साथ खून आने की समस्या होना।

 

  • बार-बार संक्रमण के साथ बुखार आना।

 

  • भ्रम होना।

 

  • याददाश्त संबंधी समस्या होना।

 

 

लिवर सिरोसिस के कारण

 

 

  • गलत खान-पान की आदतों की वजह से लिवर सिरोसिस की समस्या होती है।

 

 

  • वायरल संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस डी, बी और सी, इस वजह से भी लिवर सिरोसिस की समस्या हो सकती है।

 

  • अधिक वसायुक्त चीजों के ज्यादा सेवन से, ज्यादा नॉन वेज आहार लेने से भी लिवर सिरोसिस की समस्या हो सकती है।

 

  • दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है।

 

 

सिरोसिस का निदान (जांच) कैसे किया जाता है?

 

 

शारीरिक परीक्षा

यह जांच लिवर के आकार और उसके फंक्शन सही से काम कर रहे है या नहीं ये जांचने के लिए की जाती है।

 

 

सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड

अल्ट्रासाउंड, कंप्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी स्कैन) और रेडियोसोटॉप स्कैन जैसे जांच सिरोसिस का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।

 

 

बायोप्सी

बायोप्सी के दौरान लिवर से एक ऊतक लिवर सिरोसिस का निदान करने के लिए लिया जाता है।

 

 

सर्जरी

यह आमतौर पर गंभीर मामलों में किया जाता है। पेट के अंदर एक चीरा के माध्यम से एक लैप्रोस्कोप डाला जाता है। डॉक्टर को लिवर का पूरा दृश्य मिलने के बाद वह सर्जरी करता है।

 

 

लिवर सिरोसिस से बचने के उपाय

 

 

  •  अपने खान-पान की आदतों में सुधार करे।

 

  • अल्कोहल का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए।

 

  • फास्ट फूड्स, वसा वाले आहार, लंबे समय तक नॉन वेज आहार और गंदा पानी पीने से भी ये रोग हो जाता है।

 

  • इससे बचाव के लिए आपको अपने आहार में विटामिन्स (Vitamins) और एंटी ऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरे आहार जैसे हरी सब्जियां, फल, गाजर, मूली, चुकंदर, सिंघाड़ा, सोयाबीन, अंडा, दूध आदि का सेवन करना चाहिए।

 

 

अगर आपको लिवर सिरोसिस के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लें और मिलकर इस बीमारी का इलाज कराएं।

 


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