पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी क्या है, जानिए यह कब की जाती है?

हमारा दिल हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। हृदय के सबसे महत्वपूर्ण कार्य की बात करें तो यह मानव शरीर में रक्त परिसंचरण को बनाए रखता है। इसके अलावा रक्त के माध्यम से बाकी अंगों तक पोषण और ऑक्सीजन पहुंचाता है। यह सर्कुलेटरी सिस्टम का एक हिस्सा है, जो बिना रुके चलता रहता है। इसलिए दिल को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। उदाहरण के लिए, दो अटरिया और दो निलय वाले हृदय के चार कक्षों पर विचार करें। इनमें नसों और धमनियों का एक जटिल नेटवर्क होता है, जिसके माध्यम से शरीर रक्त को बाकी अंगों तक पहुंचाता है। लेकिनकिसी कारण से इन नसों और धमनियों में रुकावट आ जाती है, तो इससे हृदय रोग से जुड़ी समस्या हो सकती है। जिसके बाद उस व्यक्ति को हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती है। आज उन्हीं में से एक सर्जरी के बारे में हम बात करेंगे जिसका नाम है पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी। आइए जानते हैं की यह क्या है और यह सर्जरी कब की जाती है।

 

 

पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी क्या है?

 

आप में से बहुत से लोगों को यह नहीं मालूम होगा कि पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी जन्मजात हृदय दोष वाले बच्चों में की जाने वाली एक शल्य प्रक्रिया है। दरअसल यह सबसे आम जन्म दोष हैं जो हृदय के वाल्व, दीवारों और रक्त वाहिकाओं से संबंधित विकारों का कारण बनता है। इसके अलावा ये हृदय के माध्यम से सामान्य रक्त प्रवाह को भी प्रभावित करता है। वाल्वों के अनुचित बंद होने से, अटरिया या निलय में वेध और रक्त वाहिकाओं में खराब संबंध के कारण गलत दिशा में रक्त के प्रवाह के कारण ही पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी डॉक्टर द्वारा की जाती है। जन्मजात हृदय दोष (सीएचडी) गर्भावस्था के पहले तिमाही के दौरान आनुवंशिक असामान्यताओं (abnormalities) के कारण होता है।

 

 

डॉक्टर बच्चों को पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी की सलाह क्यों देते हैं ?

 

कार्डियक सर्जरी की आवश्यकता जन्मजात हृदय रोग के लक्षण के आधार पर कि जाती है।

 

  • सांस लेने में कठिनाई होना

 

  • फेफड़े में संक्रमण होना

 

  • थकान और कमजोरी होना

 

  • सायनोसिस (cyanosis)

 

  • बच्चे के विकास में परेशानी

 

  • व्यायाम करने में कठिनाई आना

 

  • बच्चे का वजन नहीं बढ़ता है।

 

 

डॉक्टर बच्चों में पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी कैसे करते हैं?

 

  • कार्डियक सर्जरी से पहले, डॉक्टर जन्म के समय या जन्म के बाद जन्मजात हृदय दोषों के निदान के लिए कुछ परीक्षण कर सकते हैं।

 

  • इकोकार्डियोग्राम या अल्ट्रासाउंड।

 

  • कार्डिएक कैथीटेराइजेशन हृदय तक पहुंचने के लिए रक्त वाहिका के माध्यम से कैथेटर डालकर हृदय की असामान्यताओं का निदान करने में भी सहायक हो सकता है।

 

  • दिल की विद्युत गतिविधि (electrical activity) को इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम द्वारा मापा जा सकता है ताकि यह देखा जा सके कि कोई अनियमितता तो नहीं है।

 

  • हृदय में विकारों का पता लगाने के लिए छाती का एक्स-रे भी किया जा सकता है।

 

 

हृदय रोग की शुरुआत कैसे होती है?

 

हर किसी को हृदय रोग होने का खतरा होता है। लेकिन कुछ लोगों को इन कारणों से हृदय रोग होने का खतरा अधिक होता है।

 

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल

 

  • हाई ब्लड प्रेशर या हाई बीपी

 

  • मोटापे के कारण

 

  • धूम्रपान

 

  • शारीरिक गतिविधि में कमी

 

  • खराब लाइफस्टाइल के कारण

 

  • तनाव

 

  • शिशुओं में जन्मजात हृदय दोष का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है।

 

 

बच्चों में पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी कैसे किया जाता हैं?

 

कैथेटर प्रोसीजर: इसमें एक कैथेटर, एक छोटी लचीली ट्यूब, बच्चे के हाथ के माध्यम से डाली जाती है। इसे हृदय तक पहुंचाया जाता है। हार्ट सर्जरी के लिए छाती में चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती है और इसलिए यह एक बेहतर तरीका है। इससे मरीज को ठीक होने में लगने वाला समय भी कम हो जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर सेप्टल दोष और वाल्व स्टेनोसिस के लिए उपयोग की जाती है। दिल तक कैथेटर का मार्गदर्शन करने के लिए इकोकार्डियोग्राफी का उपयोग किया जाता है।

 

ओपन हार्ट सर्जरी: इस प्रक्रिया में उन दिल को संचालित करने के लिए डॉक्टर छाती में एक बड़ा चीरा लगाता है। जिनका इलाज कैथेटर प्रक्रियाओं द्वारा नहीं किया जा सकता है। इस पद्धति का उपयोग अक्सर हृदय, हृदय वाल्व (heart valves) और जटिल दोषों (complex defects) में छिद्रों की मरम्मत के लिए किया जाता है। दिल के ऑपरेशन के दौरान, रोगी को रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए हृदय-फेफड़े की बाईपास मशीन से जोड़ा जाता है।

 

 

भारत में पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी की लागत कितनी है?

 

भारत में में ओपन हार्ट सर्जरी लगभग 1.50 लाख रुपये से लेकर 2.50 लाख रुपये के बीच में होती हैं। बच्चों के लिए, ओपन हार्ट सर्जरी में की लगत लगभग 1.25 लाख रुपये से 2 लाख रुपये के बीच में होती हैं। यदि हम वाल्व सर्जरी की बात करें तो 2.5 लाख रुपये से 2.75 लाख रुपये के बीच हो सकती है। यदि आप किसी भी तरह की हार्ट सर्जरी करवाना चाहते हैं, तो आप हम से संपर्क कर सकते हैं।

 

 

पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी के लिए दिल्ली के सबसे अच्छे अस्पताल

 

  • बीएलके  सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, राजिंदर नगर, दिल्ली

 

  • इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, सरिता विहार, दिल्ली

 

  • फोर्टिस हार्ट अस्पताल, ओखला, दिल्ली

 

  • मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत, दिल्ली

 

हमने आपको पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी क्या है, यह कैसे की जाती है इससे जुड़ी सभी जानकारी देने की कोशिश की है। यदि आप पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी करवाना चाहते हैं तो आप GoMedii को इसके लिए चुन सकते हैं। हम भारत में एक चिकित्सा पर्यटन कंपनी के तौर पर काम करते हैं। इसके साथ ही हम शीर्ष श्रेणी के अस्पतालों और डॉक्टरों से जुड़े हैं। अगर आप इलाज पाना चाहते हैं तो हमसे संपर्क कर सकते हैं। हमसे संपर्क करने के लिए  हमारे इस व्हाट्सएप नम्बर (+919654030724)  या हमें connect@gomedii.com पर ईमेल कर सकते हैं।


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