क्रोनिक किडनी डिजीज क्या होती है ?

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क्रोनिक किडनी डिजीज क्या है?

 

किडनी के रोगों में क्रोनिक किडनी डिजीज बहुत ही गंभीर बीमारी है, क्योंकि अबतक इस रोग को खत्म करने की कोई दवा उपलब्ध नहीं है। यह समस्या 10 में से 1 एक व्यक्ति को होती है। आमतौर पर डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, पथरी इत्यादि इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है ।

 

क्रोनिक किडनी डिजीज, जिसे क्रोनिक रेनल विफलता भी कहा जाता है। किडनी हमारे शरीर का एक ऐसा मुख्य अंग है, जो शरीर में जितने भी हानिकारक और विषाक्त पदार्थ होते है,उसे यह बाहर निकालने का काम करती है। इसका काम रक्त को भी साफ करने का है, जो सारे विषाक्त पदार्थों को मूत्र के जरिये शरीर से बाहर कर देती है। क्रोनिक किडनी डिजीज के कुछ लक्षण है, जैसे की – पेट दर्द की समस्या होना, बुखार आना, पेशाब में खून आने की समस्या, पूरे शरीर में सूजन होना आदि शामिल है।

 

हर इंसान के शरीर में दो किडनी होती है। अगर किसी भी वजह से एक किडनी काम करना बंद कर दे तो दूसरी किडनी पर इंसान जीवित रह सकता है। लेकिन एक किडनी के सहारे रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।

 

 

क्रोनिक किडनी डिजीज के लक्षण

 

 

  • पेट में दर्द होना

 

  • कंपकंपी के साथ बुखार आना

 

  • पेशाब में खून आना

 

  • बार-बार उल्टी आना

 

  • साँसों की कमी

 

  • हड्डी में दर्द

 

  • हाथों और पैरों में सुन्नता

 

  • जी मिचलाना

 

  • बार-बार पेशाब आना

 

  • पेशाब में जलन होना

 

  • पूरे शरीर में सूजन

 

 

  • बेहोश हो जाना

 

 

क्रोनिक किडनी डिजीज के कारण

 

 

  • CKD के सबसे आम कारण उच्च रक्तचाप और मधुमेह हैं।

 

  • प्रत्येक किडनी में लगभग 1 मिलियन छोटी फ़िल्टरिंग इकाइयाँ होती हैं, जिन्हें नेफ्रॉन कहा जाता है। कोई भी बीमारी जो नेफ्रॉन को घायल कर देती है, वह किडनी की बीमारी का कारण बन सकती है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों आपके नेफ्रोन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

 

  • उच्च रक्तचाप आपके किडनी, हृदय और मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकती है। किडनी अत्यधिक संवहनी होती हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें बहुत सारी रक्त वाहिकाएं होती हैं। तो, रक्त वाहिका रोग आमतौर पर आपके किडनी के लिए खतरनाक होते हैं।

 

  • ल्यूपस जैसे ऑटोइम्यून रोग रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और किडनी के ऊतकों के खिलाफ एंटीबॉडी बना सकते हैं।

 

  • CKD के विभिन्न अन्य कारण हैं। उदाहरण के लिए, पॉलीसिस्टिक किडनी रोग सीकेडी का एक वंशानुगत कारण है, जो की ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस ल्यूपस के कारण हो सकता है। यह स्ट्रेप्टोकोकल संक्रमण के बाद भी दिखाई दे सकता है।

 

 

क्रोनिक किडनी डिजीज के जोखिम

 

 

65 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए क्रोनिक किडनी डिजीज का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह अफ्रीकी-अमेरिकियों, मूल अमेरिकियों और एशियाई-अमेरिकियों में होने की अधिक संभावना होती है। CKD के अन्य जोखिम कारकों में शामिल हैं:

 

 

  • मोटापा

 

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल

 

  • मधुमेह (प्रकार 1 और 2)

 

  • सिरोसिस और लिवर का फेल होना

 

 

  • ब्लैडर कैंसर

 

  • पथरी

 

  • किडनी में संक्रमण

 

 

क्रोनिक किडनी डिजीज का निदान कैसे किया जाता है?

 

 

सीकेडी का निदान एक चिकित्सा इतिहास से शुरू होता है। किडनी फेलियर, उच्च रक्तचाप या मधुमेह का पारिवारिक इतिहास आपके डॉक्टर को सचेत कर सकता है। हालांकि, अन्य परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि आपको क्रोनिक किडनी डिजीज है या नहीं, जैसे की :

 

  • ब्लड टेस्ट

 

  • इलेक्ट्रोलाइट स्तर का परीक्षण

 

  • रक्त यूरिया नाइट्रोजन परीक्षण

 

  • क्रिएटिनिन परीक्षण

 

  • पैराथायराइड हार्मोन (PTH) टेस्ट

 

  • सीटी स्कैन और इमेजिंग टेस्ट

 

  • किडनी का अल्ट्रासाउंड

 

अन्य परीक्षण

 

क्रोनिक किडनी डिजीज के लिए अतिरिक्त परीक्षणों में शामिल हैं:

 

  • किडनी की बायोप्सी

 

  • पेट सीटी स्कैन और एमआरआई

 

 

क्रोनिक किडनी डिजीज में इन चीजों से करे परहेज

 

 

  • डिब्बाबंद सूप और फ्रोजन फूड

 

  • मसालेदार खाद्य पदार्थ

 

  • सोयाबीन, सूरजमुखी तेल

 

  • सूखे सेम, ब्रोकोली, मशरूम

 

  • एवोकैडो, केले और संतरे

 

  • कोशर सॉल्‍ट, समुद्री नमक, फ्लेवर्ड सॉल्‍ट

 

  • कोल्ड कट्स, चिकन नगेट्स, हैम, बेकन, प्रोसेस्ड मीट

 

 

क्रोनिक किडनी डिजीज के उपचार

 

 

आहार

आपको अपने आहार में वसा, नमक, प्रोटीन और पोटेशियम को कम करना चाहिए। नमक और तरल पदार्थ का सेवन कम करने से रक्तचाप को नियंत्रित करने और ब्लड प्रेशर को रोकने में मदद मिल सकती है। अपने वजन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त कैलोरी प्राप्त करना सुनिश्चित करें। यदि आपको मधुमेह है, तो कार्बोहाइड्रेट का सेवन प्रतिबंधित करें।

 

 

जीवन शैली में परिवर्तन

प्रतिदिन व्यायाम करें, और यदि आप धूम्रपान करते हैं तो इसे करना छोड़ दे। ऐसा करने से क्रोनिक किडनी डिजीज की समस्या ठीक हो सकती है।

 

 

सप्लीमेंट और दवा (Supplements and medication)

आपके उपचार में शामिल हो सकता है,जैसे की –

 

  • एनीमिया का प्रबंधन करने के लिए आयरन और विटामिन सप्लीमेंट

 

  • कैल्शियम और विटामिन डी की खुराक

 

  • लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन

 

  • खुजली के लिए एंटीथिस्टेमाइंस

 

 

चिकित्सा उपचार

 

आपको अपने रक्त को शुद्ध करने के लिए डायलिसिस की आवश्यकता हो सकती है। कुछ मामलों में, आपको किडनी प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) की आवश्यकता हो सकती है। आपको अपने रक्त शर्करा और मधुमेह को नियंत्रित करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

 

यदि आपको क्रोनिक किडनी डिजीज या ईएसआरडी की समस्या है, तो आप संक्रमण के लिए अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। यहां कुछ निम्नलिखित टीकाकरण बताये गए है, जो आप डॉक्टर से सुझाव लेकर ले सकते है –

 

  • न्यूमोकोकल वैक्सीन

 

 

  • इन्फ्लुएंजा का टीका

 

  • एच 1 एन 1 (स्वाइन फ्लू) का टीका

 

 

किडनी को होने वाले किसी भी नुकसान को रोकने के लिए, डॉक्टर की सलाह लें। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए किडनी रोग के डॉक्टर – नेफ्रोलॉजिस्ट या फिजिशियन ही करते हैं और उनके द्वारा बताये गए दवाओं का ही सेवन करे। क्रोनिक किडनी डिजीज में खान-पान का ध्यान रखने से किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता है।

 

 


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